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Udham Singh Nagar News: इंतजाम खामोश, गूंज रहे सवाल... विद्यालय में बेटियों की सुरक्षा बेरीकेड के सहारे
Thu, 06 Aug 2026 01:02 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 06 Aug 2026 01:02 AM IST
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जीजीआईसी गदरपुर से छुट्टी होने के बाद बाहर निकलती छात्राएं
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गदरपुर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में सुरक्षा और संसाधनों की कमी छात्राओं की पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। करीब 1250 छात्राओं वाले विद्यालय में पिछले एक वर्ष से मुख्य द्वार नहीं है। चहारदीवारी भी अधूरी होने के कारण विद्यालय परिसर पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कई बार मांग उठाने और विभाग को पत्र भेजने के बावजूद अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक की छात्राएं अध्ययनरत हैं। पुराने और जर्जर कक्षों के ध्वस्तीकरण व नए भवन के निर्माण के दौरान मुख्य द्वार हटाया गया था। इसके बाद नया गेट नहीं लगाया गया। बताया गया कि पर्याप्त बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
मुख्य द्वार नहीं होने से विद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी देखा गया है। इससे छात्राओं और अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से चहारदीवारी व मुख्य द्वार का निर्माण कराने की मांग कई बार की गई लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल मुख्य द्वार के स्थान पर बेरीकेड्स लगाकर आवाजाही रोकी जा रही है जो सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त नहीं है। संवाद
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शिक्षिकाओं के रिक्त पदों से पढ़ाई प्रभावित
विद्यालय में शिक्षिकाओं के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत तथा इंटरमीडिएट में विज्ञान, इतिहास और अर्थशास्त्र विषयों के पद खाली हैं। फिलहाल चार अतिथि शिक्षिकाओं और आसरा ट्रस्ट के माध्यम से तैनात छह शिक्षिकाओं के सहारे शिक्षण कार्य चलाया जा रहा है। विद्यालय में छात्राओं की संख्या के अनुपात में कक्षा कक्षों की भी कमी है। वर्तमान में 11 कक्षा कक्ष हैं, जबकि आठ अतिरिक्त कक्षों की जरूरत है। स्वच्छक का पद भी रिक्त चल रहा है।
कोट
विद्यालय परिसर में मुख्य द्वार नहीं होने से परिसर में चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। छात्राओं में भी असुरक्षा की भावना रहती है। चहारदीवारी और मुख्य द्वार के निर्माण के लिए शिक्षा निदेशालय को धनराशि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव भेजा गया है। - रश्मि आर्या, प्रभारी प्रधानाध्यापिका, जीजीआईसी गदरपुर
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छात्राओं का कहना
कॉलेज का मुख्य द्वार और चहारदीवारी काफी समय से नहीं बनी है। ऐसे में असुरक्षा और भय का माहौल बना रहता है। शिक्षिकाओं की कमी है और भी कई समस्याएं हैं जिनको समय रहते दूर करने की जरूरत है। - रिया, कक्षा-10सी
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स्कूल में कक्षा कक्षों की कमी है। सरकार को सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। मुख्य द्वार का निर्माण न होने से असुरक्षा की भावना रहती है। - सोफिया आजमी, कक्षा-12बी
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कई विषयों की शिक्षिकाओं की कमी है। हमारी पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आनी चाहिए है। सरकार को रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करनी चाहिए। - अंशिका, कक्षा-10बी
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कक्षाओं में छात्राओं की संख्या अधिक होने से बैठने और पढ़ने में दिक्कत होती है। जो भवन टूट गए हैं उनका नवनिर्माण होना चाहिए। - छवि, कक्षा-9बी
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अभिभावकों का कहना
जीजीआईसी में काफी समय से मुख्य द्वार टूटा हुआ है। छुट्टी के समय भीड़ बढ़ने से दुर्घटना होने का भय बना रहता है। शासन-प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से दूर करना चाहिए। - सोनू, अभिभावक, वार्ड नंबर चार, गदरपुर
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शिक्षिकाओं की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। समय से नई शिक्षिकाओं की तैनाती हो जानी चाहिए। कॉलेज में गेट भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। - नीलम, अभिभावक, इंद्र विहार काॅलोनी, गदरपुर
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जीजीआईसी में मुख्य द्वार, चहारदीवारी का निर्माण न होना और शिक्षिकाओं की कमी का मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही मामले की जानकारी लेकर अवस्थापना निधि, जिला योजना या अन्य किसी मद से कार्य कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - अरविंद पांडेय, विधायक, गदरपुर विधानसभा
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विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक की छात्राएं अध्ययनरत हैं। पुराने और जर्जर कक्षों के ध्वस्तीकरण व नए भवन के निर्माण के दौरान मुख्य द्वार हटाया गया था। इसके बाद नया गेट नहीं लगाया गया। बताया गया कि पर्याप्त बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
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मुख्य द्वार नहीं होने से विद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी देखा गया है। इससे छात्राओं और अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से चहारदीवारी व मुख्य द्वार का निर्माण कराने की मांग कई बार की गई लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल मुख्य द्वार के स्थान पर बेरीकेड्स लगाकर आवाजाही रोकी जा रही है जो सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त नहीं है। संवाद
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शिक्षिकाओं के रिक्त पदों से पढ़ाई प्रभावित
विद्यालय में शिक्षिकाओं के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत तथा इंटरमीडिएट में विज्ञान, इतिहास और अर्थशास्त्र विषयों के पद खाली हैं। फिलहाल चार अतिथि शिक्षिकाओं और आसरा ट्रस्ट के माध्यम से तैनात छह शिक्षिकाओं के सहारे शिक्षण कार्य चलाया जा रहा है। विद्यालय में छात्राओं की संख्या के अनुपात में कक्षा कक्षों की भी कमी है। वर्तमान में 11 कक्षा कक्ष हैं, जबकि आठ अतिरिक्त कक्षों की जरूरत है। स्वच्छक का पद भी रिक्त चल रहा है।
कोट
विद्यालय परिसर में मुख्य द्वार नहीं होने से परिसर में चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। छात्राओं में भी असुरक्षा की भावना रहती है। चहारदीवारी और मुख्य द्वार के निर्माण के लिए शिक्षा निदेशालय को धनराशि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव भेजा गया है। - रश्मि आर्या, प्रभारी प्रधानाध्यापिका, जीजीआईसी गदरपुर
छात्राओं का कहना
कॉलेज का मुख्य द्वार और चहारदीवारी काफी समय से नहीं बनी है। ऐसे में असुरक्षा और भय का माहौल बना रहता है। शिक्षिकाओं की कमी है और भी कई समस्याएं हैं जिनको समय रहते दूर करने की जरूरत है। - रिया, कक्षा-10सी
स्कूल में कक्षा कक्षों की कमी है। सरकार को सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। मुख्य द्वार का निर्माण न होने से असुरक्षा की भावना रहती है। - सोफिया आजमी, कक्षा-12बी
कई विषयों की शिक्षिकाओं की कमी है। हमारी पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आनी चाहिए है। सरकार को रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करनी चाहिए। - अंशिका, कक्षा-10बी
कक्षाओं में छात्राओं की संख्या अधिक होने से बैठने और पढ़ने में दिक्कत होती है। जो भवन टूट गए हैं उनका नवनिर्माण होना चाहिए। - छवि, कक्षा-9बी
अभिभावकों का कहना
जीजीआईसी में काफी समय से मुख्य द्वार टूटा हुआ है। छुट्टी के समय भीड़ बढ़ने से दुर्घटना होने का भय बना रहता है। शासन-प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से दूर करना चाहिए। - सोनू, अभिभावक, वार्ड नंबर चार, गदरपुर
शिक्षिकाओं की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। समय से नई शिक्षिकाओं की तैनाती हो जानी चाहिए। कॉलेज में गेट भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। - नीलम, अभिभावक, इंद्र विहार काॅलोनी, गदरपुर
जीजीआईसी में मुख्य द्वार, चहारदीवारी का निर्माण न होना और शिक्षिकाओं की कमी का मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही मामले की जानकारी लेकर अवस्थापना निधि, जिला योजना या अन्य किसी मद से कार्य कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - अरविंद पांडेय, विधायक, गदरपुर विधानसभा