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चैती मेला : चौथी पीढ़ी के कंधों पर चलेगा मां बाल सुंदरी का डोला
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:06 AM IST
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काशीपुर। चैत्र मास में मां बाल सुंदरी देवी का चैती मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले का मुख्य आस्था का केंद्र मां बाल सुंदरी देवी का डोला होता है। मां भगवती का डोला ले जाने का काम वर्तमान में चौथी पीढ़ी के 12 सदस्य संभालते हैं जो डोला को पंडा आवास से मंदिर तक ले जाते हैं।
चैत्र नवरात्र की सप्तमी यानी 25 मार्च की अर्धरात्रि को पंडा आवास के आंगन से डोला निकाला जाएगा। मां भगवती के डोले से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। डोला पंडा आवास से चैती मंदिर तक जाता है। खड़कपुर देवीपुरा निवासी डोला उठाने वाली टीम के मुख्य सदस्य दीपक कश्यप व उनके मामा धर्मवीर बताते हैं कि यह उनकी चौथी पीढ़ी है जो मां भगवती के डोले को अपने कंधे पर लेकर जाती है।
वह बताते हैं कि आम दिनों में वह लोग मेहनत-मजदूरी और फैक्टरी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा-परदादा डोला लेकर जाते थे अब वे लोग इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। डोला के वाहक रिंकू कश्यप बताते हैं नियम वही पुराना है छह कंधे डोले को उठाते, कदम-ताल मिलाते हुए चलते हैं। दो-तीन सौ मीटर के बाद हल्का-सा ''''बदलो'''' की आवाज आती है और कंधे बदल जाते हैं। इस तरह डोला कभी रुकता नहीं और हर जोड़ी की सांस में मां का भार बराबर बंट जाता। उन्होंने बताया कि कंधे पर डोला थोड़ा झुका तो पिता व दादा की सिखाई सांस तकनीक याद की। गहरी सांस और सीधा धड़। जैसे ही मां की चौखट पर डोला रुकता है तो लगता है समय पीछे लौट आया हो। संवाद
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ये हैं मां भगवती के डोला वाहक
डोला वाहक टीम के मुखिया धर्मपाल व दीपक मुखिया के अलावा सहयोगी रिंकू कश्यप, विपिन कश्यप, अजय कश्यप, संजीव कश्यप, दीपू कश्यप, विनोद कश्यप, शंकर कश्यप, संजय कश्यप, रवि कश्यप और गोविंदा कश्यप। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि सभी डोला वाहकों की पहचान के लिए अलग टी-शर्ट बनवाई गई ताकि सुरक्षा कर्मी व अन्य कोई उन्हें परेशान न करे।
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चैती मेला कारोबारियों पर पहली बार जीएसटी विभाग की नजर
काशीपुर। ऐतिहासिक चैती मेले पर इस बार जीएसटी विभाग की भी नजर है। मेले में आने व्यापारियों को अपनी खरीद-बिक्री का पूरा हिसाब-किताब रखना होगा। इतना ही नहीं उन्हें जीएसटी का अस्थायी पंजीयन भी अनिवार्य रूप से लेना पड़ेगा।
बीते वर्ष तक ठेकेदार जीएसटी के साथ खेल-तमाशा, दुकान-तहबाजारी, पार्किंग, लाइट-साउंड का ठेका का भुगतान करते थे। दुकानदार पर कोई जीएसटी नहीं लगती थी। इस बार पहली बार कारोबारियों को भी अपनी अनुमानित आय का विवरण देकर विभाग में अस्थायी पंजीयन कराना पड़ेगा। इस प्रक्रिया के तहत जो भी व्यापारी माल की बिक्री या सेवाएं प्रदान करेंगे, उन्हें नियमानुसार जीएसटी अदा करना होगी।
जीएसटी विभाग काशीपुर के असिस्टेंट कमिश्नर राहुल सिंह ने बताया इस बार पूरे मेले पर विभाग की नजर रहेगी। नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्थायी पंजीकरण 90 दिनों का होता है जो कि निशुल्क होगा। दुकानदार स्वयं तय करेगा कि उसकी दिनभर में कितनी आमदनी होगी। उसके मुताबिक वह 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान करेगा। जीएसटी जमा करने के बाद वह कारोबारी रिटर्न फाइल कर सकता है।
उन्होंने बताया कि कारोबारियों को पंजीकरण में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि मेला परिसर में ही अस्थायी कार्यालय खोल दिया जाए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है।
निशुल्क रेडक्रॉस चिकित्सा शिविर शुरू
मां बाल सुंदरी देवी के ऐतिहासिक चैती मेला परिसर में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी काशीपुर शाखा इकाई की ओर से 15 दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य शिविर शुरू हो गया है। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मेयर ऊषा चौधरी ने किया। सोसायटी के पूर्व सचिव हरीश जोशी ने स्वास्थ्य, सेवा और मैत्री भाव से चलने वाले शिविर संचालन की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने रेडक्रॉस के प्रयास की सराहना की। बतौर विशिष्ट अतिथि पंडा परिवार ने शिविर के सफल संचालन के लिए मां भगवती से कामना की। वहां संरक्षक जेपी अग्रवाल, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री, पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा संदीप अग्निहोत्री, अरविंद सक्सेना, सरोज ठाकुर, कौशलेश गुप्ता, संजीव शर्मा, डॉ. अकील हुसैन, डॉ. जैड रहमान आदि थे। संवाद
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चैत्र नवरात्र की सप्तमी यानी 25 मार्च की अर्धरात्रि को पंडा आवास के आंगन से डोला निकाला जाएगा। मां भगवती के डोले से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। डोला पंडा आवास से चैती मंदिर तक जाता है। खड़कपुर देवीपुरा निवासी डोला उठाने वाली टीम के मुख्य सदस्य दीपक कश्यप व उनके मामा धर्मवीर बताते हैं कि यह उनकी चौथी पीढ़ी है जो मां भगवती के डोले को अपने कंधे पर लेकर जाती है।
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वह बताते हैं कि आम दिनों में वह लोग मेहनत-मजदूरी और फैक्टरी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा-परदादा डोला लेकर जाते थे अब वे लोग इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। डोला के वाहक रिंकू कश्यप बताते हैं नियम वही पुराना है छह कंधे डोले को उठाते, कदम-ताल मिलाते हुए चलते हैं। दो-तीन सौ मीटर के बाद हल्का-सा ''''बदलो'''' की आवाज आती है और कंधे बदल जाते हैं। इस तरह डोला कभी रुकता नहीं और हर जोड़ी की सांस में मां का भार बराबर बंट जाता। उन्होंने बताया कि कंधे पर डोला थोड़ा झुका तो पिता व दादा की सिखाई सांस तकनीक याद की। गहरी सांस और सीधा धड़। जैसे ही मां की चौखट पर डोला रुकता है तो लगता है समय पीछे लौट आया हो। संवाद
ये हैं मां भगवती के डोला वाहक
डोला वाहक टीम के मुखिया धर्मपाल व दीपक मुखिया के अलावा सहयोगी रिंकू कश्यप, विपिन कश्यप, अजय कश्यप, संजीव कश्यप, दीपू कश्यप, विनोद कश्यप, शंकर कश्यप, संजय कश्यप, रवि कश्यप और गोविंदा कश्यप। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि सभी डोला वाहकों की पहचान के लिए अलग टी-शर्ट बनवाई गई ताकि सुरक्षा कर्मी व अन्य कोई उन्हें परेशान न करे।
चैती मेला कारोबारियों पर पहली बार जीएसटी विभाग की नजर
काशीपुर। ऐतिहासिक चैती मेले पर इस बार जीएसटी विभाग की भी नजर है। मेले में आने व्यापारियों को अपनी खरीद-बिक्री का पूरा हिसाब-किताब रखना होगा। इतना ही नहीं उन्हें जीएसटी का अस्थायी पंजीयन भी अनिवार्य रूप से लेना पड़ेगा।
बीते वर्ष तक ठेकेदार जीएसटी के साथ खेल-तमाशा, दुकान-तहबाजारी, पार्किंग, लाइट-साउंड का ठेका का भुगतान करते थे। दुकानदार पर कोई जीएसटी नहीं लगती थी। इस बार पहली बार कारोबारियों को भी अपनी अनुमानित आय का विवरण देकर विभाग में अस्थायी पंजीयन कराना पड़ेगा। इस प्रक्रिया के तहत जो भी व्यापारी माल की बिक्री या सेवाएं प्रदान करेंगे, उन्हें नियमानुसार जीएसटी अदा करना होगी।
जीएसटी विभाग काशीपुर के असिस्टेंट कमिश्नर राहुल सिंह ने बताया इस बार पूरे मेले पर विभाग की नजर रहेगी। नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्थायी पंजीकरण 90 दिनों का होता है जो कि निशुल्क होगा। दुकानदार स्वयं तय करेगा कि उसकी दिनभर में कितनी आमदनी होगी। उसके मुताबिक वह 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान करेगा। जीएसटी जमा करने के बाद वह कारोबारी रिटर्न फाइल कर सकता है।
उन्होंने बताया कि कारोबारियों को पंजीकरण में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि मेला परिसर में ही अस्थायी कार्यालय खोल दिया जाए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है।
निशुल्क रेडक्रॉस चिकित्सा शिविर शुरू
मां बाल सुंदरी देवी के ऐतिहासिक चैती मेला परिसर में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी काशीपुर शाखा इकाई की ओर से 15 दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य शिविर शुरू हो गया है। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मेयर ऊषा चौधरी ने किया। सोसायटी के पूर्व सचिव हरीश जोशी ने स्वास्थ्य, सेवा और मैत्री भाव से चलने वाले शिविर संचालन की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने रेडक्रॉस के प्रयास की सराहना की। बतौर विशिष्ट अतिथि पंडा परिवार ने शिविर के सफल संचालन के लिए मां भगवती से कामना की। वहां संरक्षक जेपी अग्रवाल, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री, पंडा मनोज अग्निहोत्री, पंडा संदीप अग्निहोत्री, अरविंद सक्सेना, सरोज ठाकुर, कौशलेश गुप्ता, संजीव शर्मा, डॉ. अकील हुसैन, डॉ. जैड रहमान आदि थे। संवाद