Rudrapur: डीडीए ने कर ली एआई से दोस्ती, शिकायतें 90 सेकंड में अधिकारी तक पहुंचेंगी
रुद्रपुर में डीडीए ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए शिकायत निवारण और नागरिक सेवाओं को तेज और डिजिटल बनाने की पहल शुरू की है।
विस्तार
रुद्रपुर में जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने आधुनिकीकरण की ओर कदम बढ़ाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से 90 सेकंड में शिकायत दर्ज होंगी और संबंधित अधिकारी के पास सूचना पहुंच जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि ऐसा करने वाला ऊधमसिंह नगर प्रदेश का पहला जिला है।
यूएस नगर में डीडीए में शिकायत निवारण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब न तो मैनुअल एंट्री करनी पड़ेगी और न ही फाइलों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने में देरी होगी। डीडीए का मानना है कि इससे त्वरित समाधान और ट्रैकिंग में मदद मिलेगी। डीडीए अगली बोर्ड बैठक में एआई सिस्टम के नियमित उपयोग पर मुहर लगने जा रही है।
एआई ऐसे करेगा काम
अधिकारी हस्तलिखित शिकायत की सिर्फ एक फोटो एआई बेस सिस्टम पर अपलोड करेंगे। इसे पढ़कर एआई पूरा सार तैयार करेगा। सिस्टम खुद ही शिकायत को श्रेणीबद्ध कर संबंधित विभाग और अधिकारी की पहचान कर लेगा। 90 सेकंड के भीतर शिकायत को डिजिटल रूप से दर्ज कर लेगा। खास बात ये है कि शिकायतकर्ता को तुरंत मैसेज के माध्यम से शिकायत आईडी प्राप्त होगी और समाधान होने तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा सकेगा। एआई के उपयोग का लाभ ये है कि मैनुअल डेटा एंट्री की निर्भरता पूरी तरह से खत्म हो जाएगी और कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही शिकायतों का त्वरित समाधान होगा।
पीएम आवास योजना की जानकारी भी दे रहा एआई
डीडीए ने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी लाभार्थियों तक तय समय पर पहुंचाने के लिए एआई का सफल ट्रायल किया है। लाभार्थियों के पास अभी तक भुगतान की समय सारणी, किस्तों की अंतिम तिथि, आवंटन की प्रक्रिया और आवास से जुड़े अगले कदम की जानकारी नहीं पहुंच पा रही थी। अब एआई के जरिए डीडीए सरल और स्पष्ट भाषा में कॉल कर रहा है। इसमें लंबित किस्तें, अंतिम भुगतान की तिथि समेत सभी जानकारी आसानी से पहुंच रही हैं। खास बात ये है कि एआई पांच मिनट में 10 हजार लोगों को कॉल करने में सक्षम है। असल में डीडीए को पीएम आवास के प्रत्येक लाभार्थी को आठ बार कॉल करना पड़ रहा था। एआई का उद्देश्य एक बार में हर लाभार्थी तक जानकारी समय से पहुंचाना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग बेहतर शासन साधन बनाकर किया है। मानव निर्णय के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उनके सहयोग के रूप में। लोगों की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एआई आधारित कई पहल लागू कर ली गई है जो सीधे तौर पर नागरिक संवाद, शिकायत निवारण और सूचना तक पहुंच को मजबूत करती है। -जय किशन, उपाध्यक्ष, डीडीए
