विश्व कुष्ठ रोग दिवस : काशीपुर में तेजी से पैर पसार रहा कुष्ठ रोग, 16 रोगियों का चल रहा उपचार
काशीपुर में कुष्ठ रोग पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के बावजूद भी नए मरीज सामने आ रहे हैं।
विस्तार
काशीपुर में सरकार की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी कुष्ठ रोग पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। आसपास के क्षेत्रों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में 16 मरीजों को दवा दी जा रही है। राष्ट्रीय अभियान के तहत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क उपचार उपलब्ध है।
एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय की ओर से शहर और ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बताया कि वर्ष 2019 में यहां तीन रोगी पंजीकृत थे। वर्तमान में 16 मरीज हैं जबकि अप्रैल से जनवरी तक आठ मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अस्पताल से मरीज को निशुल्क दवा देकर इलाज शुरू कर दिया जाता है। इस बीमारी से ग्रस्त रोगी को छह माह से एक साल तक इलाज कराना पड़ता है। रोग को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय मल्टी-ड्रग थेरेपी (एमडीटी) का उपयोग करना है जो एक एंटीबायोटिक दवाओं का संयोजन है। रोग का जल्द पता लगाकर उपचार शुरू करना भी जरूरी है।
कुष्ठ रोग के लक्षण
त्वचा के धब्बे अक्सर उभरे हुए किनारों के साथ जो उनके आसपास से अलग होते हैं। वे फीके, पीले, लाल, मोटे, कठोर, या सुन्न हो सकते हैं। लाल या बैंगनी रंग की गांठें पैरों के तलवे पर दर्द रहित अल्सर या पाव में बढ़ी हुईं नसें, कमजोरी, पलकों का झड़ना दृष्टि हानि या अन्य नेत्र संबंधी समस्याएं कुष्ठ रोग धीरे-धीरे विकसित होता है।
कारण
माइकोबैक्टीरियम लेप्री बैक्टीरिया कुष्ठ रोग का कारण बनता है। विशेषज्ञ पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं कि यह बीमारी कैसे फैलती है लेकिन उनका मानना है कि यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है।
कुष्ठ रोग पर नियंत्रण पाने के लिए राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम चल रहा है। काशीपुर में कुष्ठ के रोगी बढ़ने की जानकारी नहीं है। इसका पता लगाकर स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर

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