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Udham Singh Nagar News: मेरठ में फर्जी एनसीईआरटी की किताबें बेच चुका है मास्टरमाइंड संदीप
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:47 AM IST
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रुद्रपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी किताब मामले की एसआईटी जांच शुरू होते ही परतें उधड़ना शुरू हो गई है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड संदीप गुप्ता और शाहरुख मेरठ में फर्जी किताबें बेच चुके हैं। मेरठ में दोनों का चेहरा बेनकाब होने पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद दोनों ने रुद्रपुर को फर्जीवाड़े का नया ठिकाना बनाया।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार, मेरठ में रहने वाला संदीप गुप्ता एनसीईआरटी की फर्जी किताबें छाप कर उत्तरप्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में सप्लाई करता था। पिछले पांच वर्षों से वह इस धंधे में लगा था। कुछ वर्ष पहले मेरठ पुलिस ने फर्जी किताबों का मामला उजागर किया। इस मामले में संदीप और उसके साथी शाहरुख के खिलाफ मेरठ में धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज है। एसआईटी ने दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड को संकलित कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
अब तक की जांच में यह पता चला है कि संदीप मेरठ में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद उत्तराखंड के रुद्रपुर में आ गया। हालांकि किताबें वह मेरठ में छपवाता था जहां से कैंटरों में लादकर किताबें रुद्रपुर पहुंचाई गईं। कीतरपुर के गोदाम से किताबें मांग के अनुसार उत्तराखंड और बाहरी राज्यों में भेजी जा रही थीं। नए शिक्षा सत्र के लिए 10 लाख किताबें प्रकाशित हुई थीं। इसकी कई खेप और रुद्रपुर लाई जानी थीं।
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गोदाम में आने-जाने वाले कैंटर ट्रेस, मालिकों से पूछताछ शुरू
एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद गोदाम में आने-जाने वाले कैंटरों को ट्रेस कर लिया है। पिछले एक महीने में कितने कैंटर गोदाम में आए और किताबें लेकर गए इसकी रिपोर्ट बनाई जा चुकी है। अब टीम कैंटरों के नंबरों के आधार पर एक-एक कर उनके मालिकों से पूछताछ कर रही है। इससे यह पता चलेगा कि कैंटर कहां-कहां किताबें लेकर गए थे।
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गोदाम मालिक से पुलिस को सौंपी 65 पेज की रिपोर्ट
इस मामले में सोमवार को गोदाम मालिक राजेश जैन कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को 65 पेज की रिपोर्ट सौंपी। इसमें किरायेदार का पुलिस सत्यापन, एग्रीमेंट, जीएसटी के बिल आदि शामिल थे। गोदाम मालिक राजेश का कहना है कि उन्होंने अपना गोदाम किराये पर देने के लिए बनवाया है। किराये पर गोदाम देने से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि गोदाम में किस तरह की किताबें लाई जा रही हैं।
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ये है मामला
14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी ने कीरतपुर में राजेश जैन के गोदाम पर छापा मारा था। गोदाम के बाहर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। 16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरुख पर प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है।
फर्जी किताब सप्लाई करने वाले गिरोह की कुंडली खंगाली जा रही है। संदीप और शाहरुख ने मेरठ में फर्जीवाड़ा किया। इसके बाद रुद्रपुर पहुंचे। एसआईटी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। एक टीम अभियुक्तों की तलाश को दबिश दे रही है। जल्द मामले में कुछ नया खुलासा होगा। - जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम
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एसआईटी सूत्रों के अनुसार, मेरठ में रहने वाला संदीप गुप्ता एनसीईआरटी की फर्जी किताबें छाप कर उत्तरप्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में सप्लाई करता था। पिछले पांच वर्षों से वह इस धंधे में लगा था। कुछ वर्ष पहले मेरठ पुलिस ने फर्जी किताबों का मामला उजागर किया। इस मामले में संदीप और उसके साथी शाहरुख के खिलाफ मेरठ में धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज है। एसआईटी ने दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड को संकलित कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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अब तक की जांच में यह पता चला है कि संदीप मेरठ में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद उत्तराखंड के रुद्रपुर में आ गया। हालांकि किताबें वह मेरठ में छपवाता था जहां से कैंटरों में लादकर किताबें रुद्रपुर पहुंचाई गईं। कीतरपुर के गोदाम से किताबें मांग के अनुसार उत्तराखंड और बाहरी राज्यों में भेजी जा रही थीं। नए शिक्षा सत्र के लिए 10 लाख किताबें प्रकाशित हुई थीं। इसकी कई खेप और रुद्रपुर लाई जानी थीं।
गोदाम में आने-जाने वाले कैंटर ट्रेस, मालिकों से पूछताछ शुरू
एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद गोदाम में आने-जाने वाले कैंटरों को ट्रेस कर लिया है। पिछले एक महीने में कितने कैंटर गोदाम में आए और किताबें लेकर गए इसकी रिपोर्ट बनाई जा चुकी है। अब टीम कैंटरों के नंबरों के आधार पर एक-एक कर उनके मालिकों से पूछताछ कर रही है। इससे यह पता चलेगा कि कैंटर कहां-कहां किताबें लेकर गए थे।
गोदाम मालिक से पुलिस को सौंपी 65 पेज की रिपोर्ट
इस मामले में सोमवार को गोदाम मालिक राजेश जैन कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को 65 पेज की रिपोर्ट सौंपी। इसमें किरायेदार का पुलिस सत्यापन, एग्रीमेंट, जीएसटी के बिल आदि शामिल थे। गोदाम मालिक राजेश का कहना है कि उन्होंने अपना गोदाम किराये पर देने के लिए बनवाया है। किराये पर गोदाम देने से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि गोदाम में किस तरह की किताबें लाई जा रही हैं।
ये है मामला
14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी ने कीरतपुर में राजेश जैन के गोदाम पर छापा मारा था। गोदाम के बाहर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। 16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरुख पर प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है।
फर्जी किताब सप्लाई करने वाले गिरोह की कुंडली खंगाली जा रही है। संदीप और शाहरुख ने मेरठ में फर्जीवाड़ा किया। इसके बाद रुद्रपुर पहुंचे। एसआईटी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। एक टीम अभियुक्तों की तलाश को दबिश दे रही है। जल्द मामले में कुछ नया खुलासा होगा। - जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम