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Udham Singh Nagar News: सितारगंज अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट नहीं, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 01 May 2026 12:59 AM IST
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सितारगंज। उप जिला अस्पताल सितारगंज में रेडियोलॉजिस्ट की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। हालात ये हैं कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद सप्ताह भर में मुश्किल से 30 जांच ही हो पा रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवतियों को उठानी पड़ रही है जिन्हें घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई बार बिना जांच के ही बैरंग लौटना पड़ता है।
अस्पताल में नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से व्यवस्था पूरी तरह चरमराई है। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सीमित जांच सुविधा लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। सुबह से ही अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती हैं। जहां गर्भवती थककर जमीन पर बैठने के लिए मजबूर हैं।
लोगों की लगातार मांग के बाद सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने खटीमा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. केसी पंत को सप्ताह में दो दिन बृहस्पतिवार और शनिवार को सितारगंज अस्पताल में सेवाएं देने के निर्देश दिए थे लेकिन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के चलते वह केवल बृहस्पतिवार को ही पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में गर्भवतियों के साथ अन्य मरीजों की भी जांच नहीं हो पाती। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के सामने निजी अस्पतालों में महंगे अल्ट्रासाउंड कराने की मजबूरी खड़ी हो गई है।
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि डॉ. पंत के पास नागरिक अस्पताल, खटीमा के सीएमएस का भी अतिरिक्त प्रभार है। उन्हें ओपीडी, जनसमस्याओं, अस्पताल प्रबंधन और न्यायालय से जुड़े कार्यों को भी संभालना पड़ता है। इसके चलते वह शनिवार को सितारगंज नहीं आ पाते। स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा है। उम्मीद है जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी।
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अस्पताल में नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से व्यवस्था पूरी तरह चरमराई है। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सीमित जांच सुविधा लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। सुबह से ही अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती हैं। जहां गर्भवती थककर जमीन पर बैठने के लिए मजबूर हैं।
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लोगों की लगातार मांग के बाद सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने खटीमा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. केसी पंत को सप्ताह में दो दिन बृहस्पतिवार और शनिवार को सितारगंज अस्पताल में सेवाएं देने के निर्देश दिए थे लेकिन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के चलते वह केवल बृहस्पतिवार को ही पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में गर्भवतियों के साथ अन्य मरीजों की भी जांच नहीं हो पाती। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के सामने निजी अस्पतालों में महंगे अल्ट्रासाउंड कराने की मजबूरी खड़ी हो गई है।
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि डॉ. पंत के पास नागरिक अस्पताल, खटीमा के सीएमएस का भी अतिरिक्त प्रभार है। उन्हें ओपीडी, जनसमस्याओं, अस्पताल प्रबंधन और न्यायालय से जुड़े कार्यों को भी संभालना पड़ता है। इसके चलते वह शनिवार को सितारगंज नहीं आ पाते। स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा है। उम्मीद है जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी।
