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Udham Singh Nagar News: सिडकुल के अपशिष्ट से जहरीली हुईं नदियां, प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 20 May 2026 01:27 AM IST
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रुद्रपुर। जिले से उत्तर प्रदेश की ओर बहकर जा रहे कथित प्रदूषित पानी के प्रति सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों में आक्रोश है। किसान कल्याण समिति ने डीएम को ज्ञापन सौंप जल्द निस्तारण की मांग की है। कार्रवाई के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
किसान कल्याण समिति बरेली के अध्यक्ष जयदीप सिंह बरार, प्रबंधक वेद प्रकाश कश्यप किसानों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कई नगर क्षेत्रों का कचरा, गंदगी और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र का रासायनिक अपशिष्ट सीधे कल्याणी, बेगुल पश्चिमी और बरौर नदी में छोड़ा जा रहा है।
इससे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि दूषित पानी से क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं और मवेशियों की मौत के मामले भी सामने आ रहे हैं। समिति ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या और गोहत्या जैसे गंभीर मामलों में कार्रवाई की मांग उठाई है।
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शिकायत पत्र में कहा गया कि यह स्थिति केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना और गंगा स्वच्छता अभियान की भावना के विपरीत है। समिति ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर नदियों में गंदा पानी छोड़े जाने पर रोक नहीं लगी तो किसान न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। समिति ने इस मामले की शिकायत उत्तराखंड के राज्यपाल को भी भेजी है। किसानों ने साफ कहा कि अगर मामले का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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किसान कल्याण समिति बरेली के अध्यक्ष जयदीप सिंह बरार, प्रबंधक वेद प्रकाश कश्यप किसानों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कई नगर क्षेत्रों का कचरा, गंदगी और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र का रासायनिक अपशिष्ट सीधे कल्याणी, बेगुल पश्चिमी और बरौर नदी में छोड़ा जा रहा है।
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इससे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि दूषित पानी से क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं और मवेशियों की मौत के मामले भी सामने आ रहे हैं। समिति ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या और गोहत्या जैसे गंभीर मामलों में कार्रवाई की मांग उठाई है।
शिकायत पत्र में कहा गया कि यह स्थिति केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना और गंगा स्वच्छता अभियान की भावना के विपरीत है। समिति ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर नदियों में गंदा पानी छोड़े जाने पर रोक नहीं लगी तो किसान न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। समिति ने इस मामले की शिकायत उत्तराखंड के राज्यपाल को भी भेजी है। किसानों ने साफ कहा कि अगर मामले का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।