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Udham Singh Nagar News: बारिश से गिरी गेहूं की फसल ने किसानों की बढ़ाई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 13 Apr 2026 12:58 AM IST
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गदरपुर। क्षेत्र में बार-बार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज बारिश और आंधी के कारण खेतों में तैयार गेहूं की फसल गिर गई थी जिससे उत्पादन पर असर पड़ा है। अब किसान तेजी से कटाई कर रहे हैं लेकिन उपज में तीस से पचास फीसदी तक कमी की आशंका जताई जा रही है।
पहले तेज बारिश और आंधी से फसल गिरी। इसके बाद जब मौसम कुछ सामान्य हुआ तो फिर से बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार मौसम बदलाव से किसान उत्पादन को लेकर असमंजस में थे। कई जगह गेहूं की बालियां जमीन पर गिरने से दाने की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हुआ।
अब मौसम साफ होने और तेज धूप निकलने से किसानों ने राहत ली है। नुकसान कम करने के लिए किसानों ने तेजी से कटाई शुरू कर दी है। खेतों में कंबाइन मशीनें दिख रही हैं, किसान दिन-रात फसल समेट रहे हैं। कुल मिलाकर, किसानों का मानना है कि इस बार मौसम की मार के चलते गेहूं की उपज में कमी आना तय है, जिससे उनकी आय पर भी असर पड़ सकता है। संवाद
उत्पादन में तीस से पचास फीसदी कमी का अनुमान
किसानों के अनुसार इस बार गेहूं की पैदावार पर असर पड़ेगा। खेमपुर निवासी किसान विक्रम सिंह गोराया का कहना है कि लगातार दो बार आई बारिश और तेज हवाओं के कारण करीब तीस से पचास प्रतिशत तक उत्पादन घटने की आशंका है। उन्होंने बताया कि गिरी हुई फसल में दाने ठीक से विकसित नहीं हो पाए हैं।
राजेंद्र नगर डेरा निवासी किसान हरपाल सिंह विर्क ने भी कहा कि जहां फसल खड़ी बची है, वहां पैदावार ठीक रहने की उम्मीद है, लेकिन गिरी हुई फसल में दाना हल्का और कमजोर हो गया है। संवाद
भूसा बनाने में भी नई चुनौती
ग्राम केशवगढ़ निवासी गुरनवीत सिंह विर्क का कहना है कि किसान पर प्रकृति की दोहरी मार पड़ी है। एक तो किसान को फसल के कम उत्पादन को लेकर चिंता बनी हुई है। दूसरा गेहूं की कटाई के बाद नाल के सड़ने से भूसा बनाने में भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। रोशनपुर तोतेवाला निवासी किसान धर्मपाल कंबोज ने बताया कि मौसम ने इस बार काफी नुकसान किया है। किसान अब जल्दी-जल्दी कटाई कर जो बचा है उसे सुरक्षित करने में जुटे हैं। संवाद
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पहले तेज बारिश और आंधी से फसल गिरी। इसके बाद जब मौसम कुछ सामान्य हुआ तो फिर से बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार मौसम बदलाव से किसान उत्पादन को लेकर असमंजस में थे। कई जगह गेहूं की बालियां जमीन पर गिरने से दाने की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हुआ।
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अब मौसम साफ होने और तेज धूप निकलने से किसानों ने राहत ली है। नुकसान कम करने के लिए किसानों ने तेजी से कटाई शुरू कर दी है। खेतों में कंबाइन मशीनें दिख रही हैं, किसान दिन-रात फसल समेट रहे हैं। कुल मिलाकर, किसानों का मानना है कि इस बार मौसम की मार के चलते गेहूं की उपज में कमी आना तय है, जिससे उनकी आय पर भी असर पड़ सकता है। संवाद
उत्पादन में तीस से पचास फीसदी कमी का अनुमान
किसानों के अनुसार इस बार गेहूं की पैदावार पर असर पड़ेगा। खेमपुर निवासी किसान विक्रम सिंह गोराया का कहना है कि लगातार दो बार आई बारिश और तेज हवाओं के कारण करीब तीस से पचास प्रतिशत तक उत्पादन घटने की आशंका है। उन्होंने बताया कि गिरी हुई फसल में दाने ठीक से विकसित नहीं हो पाए हैं।
राजेंद्र नगर डेरा निवासी किसान हरपाल सिंह विर्क ने भी कहा कि जहां फसल खड़ी बची है, वहां पैदावार ठीक रहने की उम्मीद है, लेकिन गिरी हुई फसल में दाना हल्का और कमजोर हो गया है। संवाद
भूसा बनाने में भी नई चुनौती
ग्राम केशवगढ़ निवासी गुरनवीत सिंह विर्क का कहना है कि किसान पर प्रकृति की दोहरी मार पड़ी है। एक तो किसान को फसल के कम उत्पादन को लेकर चिंता बनी हुई है। दूसरा गेहूं की कटाई के बाद नाल के सड़ने से भूसा बनाने में भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। रोशनपुर तोतेवाला निवासी किसान धर्मपाल कंबोज ने बताया कि मौसम ने इस बार काफी नुकसान किया है। किसान अब जल्दी-जल्दी कटाई कर जो बचा है उसे सुरक्षित करने में जुटे हैं। संवाद