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Udham Singh Nagar News: शिक्षा शास्त्र, गृह विज्ञान और संस्कृत में पीजी की व्यवस्था नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:34 AM IST
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काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सालों बाद भी स्नातकोत्तर संस्कृत, गृह विज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय से शुरू नहीं हो सका है। इस कारण से स्नातक करने के बाद विद्यार्थी दूसरे जिले में जा रहे या दूसरा विषय विषय बदलने को मजबूर हैं। कॉलेज प्रशासन प्रस्ताव निदेशालय भेजकर पल्ला झाड़ने में लगा हैं।
बाजपुर रोड स्थित राधेहरि पीजी कॉलेज की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। इसमें जसपुर, रामनगर, बाजपुर, सुल्तानपुर पट्टी, केलाखेड़ा, काशीपुर आदि से छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते हैं। वर्तमान में करीब आठ हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कॉलेज में संस्कृत, गृह विज्ञान, शिक्षा शास्त्र विषय से स्नातक करने के बाद छात्र-छात्राओं को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है। धनाभाव और दूसरे कारणों से कई विद्यार्थी पढ़ाई के लिए शहर से बाहर नहीं जा पाते हैं। ऐसे छात्र दूसरा विषय चुन लेते हैं। कई प्राचार्य आए और गए लेकिन किसी ने भी इन विषयों के साथ पीजी शुरू कराने की जहमत नहीं उठाई है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
कोट
शिक्षा शास्त्र, संस्कृत, गृह विज्ञान में छह बैच में 480-480 सीटें हैं। तीनों विषयों में पीजी नहीं है। विद्यार्थियों को दूसरे विषय बदलने पड़ते हैं। तीनों विषयों में पीजी शुरू कराने का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कॉलेज में प्रवेश शुरू कर दिए जाएंगे। - प्रो. सुमिता श्रीवास्तव, प्राचार्य, राधेहरि पीजी कॉलेज, काशीपुर
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शिक्षा शास्त्र, संस्कृत, गृह विज्ञान में छह बैच में 480-480 सीटें हैं। तीनों विषयों में पीजी नहीं है। विद्यार्थियों को दूसरे विषय बदलने पड़ते हैं। तीनों विषयों में पीजी शुरू कराने का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कॉलेज में प्रवेश शुरू कर दिए जाएंगे। - प्रो. सुमिता श्रीवास्तव, प्राचार्य, राधेहरि पीजी कॉलेज, काशीपुर

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