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यूसीसी किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं : कासमी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 02 May 2026 01:28 AM IST
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खटीमा। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत संरचना, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्हाेंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।
शुक्रवार को खटीमा में लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में कासमी ने कहा कि मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक विषयों के समावेशन व विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे आधुनिक विषयों, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास व राष्ट्रीय शिक्षा मानकों के साथ समन्वित करना है, ताकि छात्र-छात्राओं को प्रतिस्पर्धी युग के अनुरूप अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण व विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुफ्ती शमून क़ासमी ने कहा कि यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने, उनके शैक्षिक व व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाने व राज्य के समग्र विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हाेंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था संविधान के मूल्यों के अनुरूप है और विभिन्न समुदायों के अधिकारों और परंपराओं के साथ संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है।
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शुक्रवार को खटीमा में लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में कासमी ने कहा कि मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक विषयों के समावेशन व विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे आधुनिक विषयों, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास व राष्ट्रीय शिक्षा मानकों के साथ समन्वित करना है, ताकि छात्र-छात्राओं को प्रतिस्पर्धी युग के अनुरूप अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण व विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुफ्ती शमून क़ासमी ने कहा कि यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने, उनके शैक्षिक व व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाने व राज्य के समग्र विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हाेंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था संविधान के मूल्यों के अनुरूप है और विभिन्न समुदायों के अधिकारों और परंपराओं के साथ संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है।
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