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Uttarkashi News: यमुना घाटी में सेब उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 02 Apr 2026 06:07 PM IST
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उद्यान विभाग ने नि:शुल्क उपलब्ध कराए 1600 मधुमक्खी बॉक्स
मधुमक्खी बॉक्स से बढ़ेगी सेब की पैदावार, किसानों को बड़ी राहत
नौगांव (उत्तरकाशी)। सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग ने यमुना घाटी में 10 उद्यान सचल दल केंद्रों में करीब 1600 मधुमक्खी बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं जिन्हें सेब के बगीचों के समीप सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। खास बात यह है कि इन बॉक्सों के उपयोग के लिए काश्तकारों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
स्योरी फल पट्टी के दोसाड़ा, पुरानी मटियाली और रस्टाड़ी क्षेत्रों में लगभग 500 मधुमक्खी बॉक्स स्थापित किए गए हैं। मधुमक्खियां चिह्नित स्थानों से दो से तीन किमी के दायरे में स्थित सेब बगीचों में परागण का कार्य करेगी। इसके अलावा भाटिया, धारी कफनौल और डामटा क्षेत्रों में भी मधुमक्खी बॉक्स तैनात किए गए हैं।
स्थानीय बागवानों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अप्रैल से मध्य मई तक सेब के पेड़ों में फूल खिलते हैं। इस दौरान मधुमक्खियां एक पौधे के नर फूल से पराग एकत्र कर दूसरे पौधे के मादा फूल तक पहुंचाती है जिससे क्रॉस परागण होता है और बेहतर गुणवत्ता के फल प्राप्त होते हैं। समय पर परागण न होने की स्थिति में फल का आकार प्रभावित होता है जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
उद्यान सचल दल केंद्र नौगांव के प्रभारी हरपाल सिंह राणा ने बताया कि सेब के बगीचों के पास मधुमक्खी बॉक्स सुरक्षित रूप से पहुंचा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्योरी फल पट्टी के प्रमुख क्षेत्रों में बॉक्स स्थापित कर परागण प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया है।
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स्योरी फल पट्टी के दोसाड़ा, पुरानी मटियाली और रस्टाड़ी क्षेत्रों में लगभग 500 मधुमक्खी बॉक्स स्थापित किए गए हैं। मधुमक्खियां चिह्नित स्थानों से दो से तीन किमी के दायरे में स्थित सेब बगीचों में परागण का कार्य करेगी। इसके अलावा भाटिया, धारी कफनौल और डामटा क्षेत्रों में भी मधुमक्खी बॉक्स तैनात किए गए हैं।
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स्थानीय बागवानों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अप्रैल से मध्य मई तक सेब के पेड़ों में फूल खिलते हैं। इस दौरान मधुमक्खियां एक पौधे के नर फूल से पराग एकत्र कर दूसरे पौधे के मादा फूल तक पहुंचाती है जिससे क्रॉस परागण होता है और बेहतर गुणवत्ता के फल प्राप्त होते हैं। समय पर परागण न होने की स्थिति में फल का आकार प्रभावित होता है जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
उद्यान सचल दल केंद्र नौगांव के प्रभारी हरपाल सिंह राणा ने बताया कि सेब के बगीचों के पास मधुमक्खी बॉक्स सुरक्षित रूप से पहुंचा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्योरी फल पट्टी के प्रमुख क्षेत्रों में बॉक्स स्थापित कर परागण प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया है।