{"_id":"6a4b9c21f009f7b7c00b0663","slug":"condition-of-purola-gundiyat-road-remains-unimproved-even-after-three-years-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-120947-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: तीन साल बाद भी नहीं सुधरी पुरोला-गुंदियाट सड़क की हालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: तीन साल बाद भी नहीं सुधरी पुरोला-गुंदियाट सड़क की हालत
Mon, 06 Jul 2026 05:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 06 Jul 2026 05:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
22 गांवों को जोड़ती है सड़क, लोग होते हैं हरदिन परेशान
पुरोला। वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई कमल नदी किनारे स्थित पुरोला–पोरा–गुंदियाट मोटर मार्ग की हालत तीन वर्ष बाद भी नहीं सुधरी है। सिरांई पट्टी के 22 गांवों की लाइफ लाइन मानी जाने वाली इस सड़क की बदहाली से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
भद्राली, खड़क्यासेम, मोल्टाड़ी, सुकड़ाला, धेवरा, सुनाली, पोरा, धुनगिर, बसंतनगर, महर, गुंदियाट, कंडियाल, रोन और रामा समेत कई गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर वर्ष 2023 की आपदा के दौरान कमल नदी के उफान से करीब 100 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बह गई थी। अब तक इसका स्थायी पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। फिलहाल छोटे वाहन किसी तरह गुजर रहे है लेकिन बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से सड़क का शेष हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग बंद हुआ तो लोगों को पुरोला–मठ–गुंदियाट मार्ग से करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे। समाजसेवी राजपाल पंवार, सुशील चमोली और प्रताप रावत ने आरोप लगाया कि तीन वर्षों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सुरक्षा दीवार निर्माण और सड़क के डामरीकरण की मांग की जा रही है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता अनंत राम शर्मा ने बताया कि सुरक्षा दीवार, स्कबर और अन्य कार्यों की निविदाएं पूरी हो चुकी हैं। बरसात और कमल नदी के उफान के कारण फिलहाल निर्माण संभव नहीं है। मौसम सामान्य होते ही क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
विज्ञापन
पुरोला। वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई कमल नदी किनारे स्थित पुरोला–पोरा–गुंदियाट मोटर मार्ग की हालत तीन वर्ष बाद भी नहीं सुधरी है। सिरांई पट्टी के 22 गांवों की लाइफ लाइन मानी जाने वाली इस सड़क की बदहाली से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
भद्राली, खड़क्यासेम, मोल्टाड़ी, सुकड़ाला, धेवरा, सुनाली, पोरा, धुनगिर, बसंतनगर, महर, गुंदियाट, कंडियाल, रोन और रामा समेत कई गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर वर्ष 2023 की आपदा के दौरान कमल नदी के उफान से करीब 100 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बह गई थी। अब तक इसका स्थायी पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। फिलहाल छोटे वाहन किसी तरह गुजर रहे है लेकिन बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से सड़क का शेष हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग बंद हुआ तो लोगों को पुरोला–मठ–गुंदियाट मार्ग से करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे। समाजसेवी राजपाल पंवार, सुशील चमोली और प्रताप रावत ने आरोप लगाया कि तीन वर्षों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सुरक्षा दीवार निर्माण और सड़क के डामरीकरण की मांग की जा रही है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता अनंत राम शर्मा ने बताया कि सुरक्षा दीवार, स्कबर और अन्य कार्यों की निविदाएं पूरी हो चुकी हैं। बरसात और कमल नदी के उफान के कारण फिलहाल निर्माण संभव नहीं है। मौसम सामान्य होते ही क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।