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Uttarkashi News: यमुनोत्री पैदल मार्ग से मलबा तो हटाया, रेलिंग नहीं की ठीक
Wed, 15 Jul 2026 05:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 15 Jul 2026 05:31 PM IST
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तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर करनी पड़ रही आवाजाही
बड़कोट। चारधाम यात्रा के लिए जानकीचट्टी–यमुनोत्री पैदल मार्ग पर आवाजाही तो बहाल कर दी गई है लेकिन सुरक्षा व्यवस्था अब भी अधूरी है। हालिया भूस्खलन और चट्टानों से गिरे मलबे के कारण कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई सुरक्षा रेलिंग की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। ऐसे में रोजाना हजारों श्रद्धालु टूटी रेलिंग वाले हिस्सों से होकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
हाल के दिनों में पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से पैदल मार्ग के कई हिस्सों की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। संबंधित विभाग ने मलबा हटाकर मार्ग को तो खोल दिया लेकिन सुरक्षा रेलिंग को दुरुस्त करने की दिशा में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मार्ग के एक ओर लगातार पत्थर गिरने की आशंका वाली खड़ी पहाड़ियां हैं जबकि दूसरी ओर गहरी खाई में यमुना नदी बहती है। ऐसे में जिन स्थानों पर रेलिंग टूटी हुई है वहां जरा-सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है।
यात्रा सीजन के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इसी मार्ग से यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, तीर्थ पुरोहित आशुतोष उनियाल और सुरेश नौटियाल सहित स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मार्ग चालू करने के बाद भी सुरक्षा इंतजामों को पूरा नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते रेलिंग की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त रेलिंग को तत्काल दुरुस्त कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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बड़कोट। चारधाम यात्रा के लिए जानकीचट्टी–यमुनोत्री पैदल मार्ग पर आवाजाही तो बहाल कर दी गई है लेकिन सुरक्षा व्यवस्था अब भी अधूरी है। हालिया भूस्खलन और चट्टानों से गिरे मलबे के कारण कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई सुरक्षा रेलिंग की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। ऐसे में रोजाना हजारों श्रद्धालु टूटी रेलिंग वाले हिस्सों से होकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
हाल के दिनों में पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से पैदल मार्ग के कई हिस्सों की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। संबंधित विभाग ने मलबा हटाकर मार्ग को तो खोल दिया लेकिन सुरक्षा रेलिंग को दुरुस्त करने की दिशा में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मार्ग के एक ओर लगातार पत्थर गिरने की आशंका वाली खड़ी पहाड़ियां हैं जबकि दूसरी ओर गहरी खाई में यमुना नदी बहती है। ऐसे में जिन स्थानों पर रेलिंग टूटी हुई है वहां जरा-सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है।
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यात्रा सीजन के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इसी मार्ग से यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, तीर्थ पुरोहित आशुतोष उनियाल और सुरेश नौटियाल सहित स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मार्ग चालू करने के बाद भी सुरक्षा इंतजामों को पूरा नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते रेलिंग की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त रेलिंग को तत्काल दुरुस्त कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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