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Uttarkashi News: सोमेश्वर की डोली के साथ खूब थिरकी ध्याणियां
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 24 Feb 2026 05:28 PM IST
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सौड़ सांकरी गांव में हुआ मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम
पुरोला। सौड़ सांकरी गांव में देवगोती मेले में क्षेत्र की लोक संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मेले के दौरान मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीण और ध्याणियां सोमेश्वर की डोली के साथ जमकर थिरके। ग्रामीणों ने मेले में पहुंची ध्याणियों को सम्मानित किया।
सोमवार को सौड़ सांकरी गांव में मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेले में पंचगांई, अडोर, बडासु, सिगतूर पट्टियों सहित गांवों में व्याही ध्याणियां अपने मायके सौड़ गांव पहुंची। वहां उन्होंने अपने आराध्य सोमेश्वर महाराज की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही अपने आराध्य को चुनरी, श्रीफल सहित अन्य उपहार स्वरूप भेंट किया।
इस दौरान ध्याणियों ने अपने मायके वाले लोगों के साथ सोमेश्वर महाराज देवता की डोली के साथ तांदी लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। वहीं, ध्याणियों ने अपने आराध्य सोमेश्वर महाराज से अपने और मायके के लोगों की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। सौड़ सांकरी गांव के चैन सिंह रावत ने बताया कि सोमेश्वर महाराज का देवगोत मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।
सोमवार को सौड़ सांकरी में मेले के दौरान मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें दूर दराज से बड़ी संख्या में ध्याणियां पहुंची। वहां उन्होंने अपने आराध्य देवता की विशेष पूजा-अर्चना की। साथ ही देव डोलियों के साथ नृत्य किया। वहीं, ग्रामीणों की ओर से ध्याणियों को सम्मानित किया। इस मौके पर अनवर सिंह रावत, भजन सिंह रावत, चंद्र मणी रावत, भगत सिंह रावत, अमर सिंह रावत, अतर सिंह पंवार आदि मौजूद रहे।
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पुरोला। सौड़ सांकरी गांव में देवगोती मेले में क्षेत्र की लोक संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मेले के दौरान मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीण और ध्याणियां सोमेश्वर की डोली के साथ जमकर थिरके। ग्रामीणों ने मेले में पहुंची ध्याणियों को सम्मानित किया।
सोमवार को सौड़ सांकरी गांव में मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेले में पंचगांई, अडोर, बडासु, सिगतूर पट्टियों सहित गांवों में व्याही ध्याणियां अपने मायके सौड़ गांव पहुंची। वहां उन्होंने अपने आराध्य सोमेश्वर महाराज की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही अपने आराध्य को चुनरी, श्रीफल सहित अन्य उपहार स्वरूप भेंट किया।
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इस दौरान ध्याणियों ने अपने मायके वाले लोगों के साथ सोमेश्वर महाराज देवता की डोली के साथ तांदी लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। वहीं, ध्याणियों ने अपने आराध्य सोमेश्वर महाराज से अपने और मायके के लोगों की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। सौड़ सांकरी गांव के चैन सिंह रावत ने बताया कि सोमेश्वर महाराज का देवगोत मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।
सोमवार को सौड़ सांकरी में मेले के दौरान मैती ध्याणी मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें दूर दराज से बड़ी संख्या में ध्याणियां पहुंची। वहां उन्होंने अपने आराध्य देवता की विशेष पूजा-अर्चना की। साथ ही देव डोलियों के साथ नृत्य किया। वहीं, ग्रामीणों की ओर से ध्याणियों को सम्मानित किया। इस मौके पर अनवर सिंह रावत, भजन सिंह रावत, चंद्र मणी रावत, भगत सिंह रावत, अमर सिंह रावत, अतर सिंह पंवार आदि मौजूद रहे।