{"_id":"6a4b991ad18bda667d0357d0","slug":"drain-flowing-through-mori-bazaar-becomes-a-hazard-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-120949-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: मोरी बाजार के बीच बहता नाला बना खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: मोरी बाजार के बीच बहता नाला बना खतरा
Mon, 06 Jul 2026 05:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 06 Jul 2026 05:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ते कटाव से भवनों को संकट, नींव के नीचे बह रही मिट्टी
पुरोला। मोरी ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य बाजार के बीच बहने वाला नाला एक बार फिर आसपास की दुकानों और भवनों के लिए खतरा बन गया है। रविवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से दोनों किनारों पर तेज कटाव हुआ। इससे कई भवनों की नींव के नीचे की मिट्टी बह गई। इससे भवनों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।
करीब दस वर्ष पहले बादल फटने की घटना के दौरान इसी नाले में आए उफान से मुख्य बाजार की कई दुकानें और भवन क्षतिग्रस्त हुए थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने नाले के दोनों ओर सुरक्षात्मक कार्य, काॅजवे और स्कबर का निर्माण कराया था लेकिन हर बरसात में नाला फिर से लोगों की चिंता बढ़ा देता है। प्रधान संगठन अध्यक्ष कैलाश चंद्र डिमरी ने बताया कि तेज बारिश के कारण नाले में आए उफान से दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर कटाव हुआ है।
कैलाश डिमरी और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल नाले का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों किनारों पर मजबूत सुरक्षात्मक दीवार और अन्य सुरक्षा कार्य जल्द शुरू किए जाएं ताकि बाजार, भवनों और स्थानीय लोगों को भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरोला। मोरी ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य बाजार के बीच बहने वाला नाला एक बार फिर आसपास की दुकानों और भवनों के लिए खतरा बन गया है। रविवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से दोनों किनारों पर तेज कटाव हुआ। इससे कई भवनों की नींव के नीचे की मिट्टी बह गई। इससे भवनों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।
करीब दस वर्ष पहले बादल फटने की घटना के दौरान इसी नाले में आए उफान से मुख्य बाजार की कई दुकानें और भवन क्षतिग्रस्त हुए थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने नाले के दोनों ओर सुरक्षात्मक कार्य, काॅजवे और स्कबर का निर्माण कराया था लेकिन हर बरसात में नाला फिर से लोगों की चिंता बढ़ा देता है। प्रधान संगठन अध्यक्ष कैलाश चंद्र डिमरी ने बताया कि तेज बारिश के कारण नाले में आए उफान से दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर कटाव हुआ है।
विज्ञापन
कैलाश डिमरी और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल नाले का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों किनारों पर मजबूत सुरक्षात्मक दीवार और अन्य सुरक्षा कार्य जल्द शुरू किए जाएं ताकि बाजार, भवनों और स्थानीय लोगों को भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचाया जा सके।
विज्ञापन