सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   Even after a decade, the work of KV in Bhatwadi is stuck in files.

Uttarkashi News: भटवाड़ी में केवि की काम दशक बाद भी फाइलों में कैद

संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Sun, 12 Apr 2026 06:12 PM IST
विज्ञापन
Even after a decade, the work of KV in Bhatwadi is stuck in files.
विज्ञापन
अधिकारी बोले, शासन-प्रशासन से लगातार किया जा रहा है पत्राचार
Trending Videos

उत्तरकाशी। सीमांत विकासखंड भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग पिछले एक दशक से लगातार उठ रही है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि वर्ष 2014-15 से इस संबंध में शासन-प्रशासन के स्तर पर लगातार पत्राचार और प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं बावजूद इसके मामला फाइलों तक ही सीमित बना हुआ है।
केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय निवासी केशव नौटियाल का कहना है कि भटवाड़ी जैसे सुदूर और चीन सीमा से सटे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के अभाव के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहरों की ओर भेजना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पलायन की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजेश रतूड़ी, अनिल रतूड़ी का कहना है कि यहां लगभग 44 ग्राम सभाएं आती हैं और बड़ी संख्या में सेना व अर्द्धसैनिक बलों के परिवार भी निवास करते हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से विद्यालय संचालन के लिए अस्थायी व्यवस्था के लिए भवन मरम्मत, कक्षों के रंग-रोगन और जर्जर आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए करीब 1.48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी पूर्व में भेजा जा चुका है लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्रियों, प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्य सरकार तक गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना नहीं की गई तो पलायन और बढ़ेगा और सीमांत क्षेत्र का सामाजिक व आर्थिक विकास प्रभावित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed