{"_id":"69de443501bd7d6006043fb0","slug":"joint-secretary-inspects-temples-at-rama-kamal-sirai-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-119281-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: संयुक्त सचिव ने किया रामा-कमल सिरांई के मंदिरों का निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: संयुक्त सचिव ने किया रामा-कमल सिरांई के मंदिरों का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 14 Apr 2026 07:12 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरोला। केंद्र सरकार के पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव राजेश सिंह ने रामा व कमल सिरांई क्षेत्र के विभिन्न धरोहर व धार्मिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गुंदियाट गांव व पोरा गांव में स्थित कपिलमुनी व खंडा सुरी महाराज, श्रीकोट काली माता, खलाड़ी पुरोला की जाग माता व महासू महाराज में जाकर मंदिरों के पौराणिक महत्व को समझा। साथ ही शिरगुल महाराज व सोमेश्वर मठ मंदिरों का निरीक्षण कर उनकी पौराणिकता का जायजा लिया।
मेरा गांव, मेरी धरोहर संरक्षण अभियान के तहत निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव राजेश सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के रूप में विश्व विख्यात है जहां गांव-गांव में मंदिरों और देवी-देवताओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है। उन्होंने कहा कि रामा व कमल सिरांई क्षेत्र के प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक भी हैं।
इनका संरक्षण जरूरी है। संयुक्त सचिव ने कहा कि भ्रमण के बाद क्षेत्र के मंदिरों व धरोहरों के संरक्षण संबंधी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी जिससे भविष्य में इनके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सके। इस दौरान एडीपीआरओ सविता सिंह, चुन्नी लाल, रोहित राणा, परमेश्वरी देवी, सुनील रावत व अमित राणा मौजूद रहे।
Trending Videos
मेरा गांव, मेरी धरोहर संरक्षण अभियान के तहत निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव राजेश सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के रूप में विश्व विख्यात है जहां गांव-गांव में मंदिरों और देवी-देवताओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है। उन्होंने कहा कि रामा व कमल सिरांई क्षेत्र के प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनका संरक्षण जरूरी है। संयुक्त सचिव ने कहा कि भ्रमण के बाद क्षेत्र के मंदिरों व धरोहरों के संरक्षण संबंधी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी जिससे भविष्य में इनके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सके। इस दौरान एडीपीआरओ सविता सिंह, चुन्नी लाल, रोहित राणा, परमेश्वरी देवी, सुनील रावत व अमित राणा मौजूद रहे।

कमेंट
कमेंट X