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Uttarkashi News: आग बुझाने के लिए हाईडेंट्र पाइपों को एक घंटे तक नहीं मिल पानी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 31 May 2026 07:24 PM IST
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शहर के बीचोंबीच अग्निकांड घटना के दौरान बचाव में हुई देरी ने तैयारियों पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप, कोतवाली से नहीं मिली त्वरित मदद
उत्तरकाशी। शहर के बीचोंबीच रामलीला मैदान के समीप हुई आगजनी की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के समय कोतवाली से किसी प्रकार की त्वरित मदद नहीं मिली। साथ ही फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर उन्हें जल संस्थान की ओर से लगाए गए हाईडेंट्र पाइपों पर करीब एक घंटे तक पानी ही नहीं मिल पाया। तब तक कॉलोनी के तीन आवास पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।
अग्निश्मन अधिकारी नरेंद्र रावत ने बताया कि जल संस्थान की ओर से लगाए गए हाईडेंट्र पाइपों का जब ऑडिट चेक किया गया था तो उस समय उनसे पानी की आपूर्ति पूरे फोर्स के साथ थी लेकिन बीती शनिवार की रात को फायर ब्रिगेड के टैंकों में पानी भरने के लिए उनको करीब पौन घंटा पानी का फोर्स नहीं मिला।
उसके बाद जल संस्थान के अधिकारियों से संपर्क कर पानी को फोर्स के साथ खुलवाया गया। प्रत्यक्षदर्शी अंजू नौटियाल ने बताया कि घटना के बाद सबसे पहले नगर कोतवाली से मदद मांगी गई लेकिन किसी प्रकार की मदद नहीं मिली। उसके बाद फायर ब्रिगेड भी देरी से मौके पर पहुंची। तो उसके बाद बताया गया कि जल संस्थान के हाईडेंट्र पाइपों में पानी ही नहीं है।
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इससे आग बुझाने में करीब एक से डेढ़ घंटे की देरी हुई। तब तक उनके तीन पड़ोसियों का पूरे घर जलकर राख हो चुके थे। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब शहर के बीचोंबीच लगी आग को बुझाने के लिए पूरी व्यवस्था नहीं है तो दूरस्थ क्षेत्रों से उम्मीद करना ही बेईमानी है। जल संस्थान की लापरवाही के कारण आग बुझाने में सबसे अधिक देरी हुई।
स्थानीय लोगों का आरोप, कोतवाली से नहीं मिली त्वरित मदद
उत्तरकाशी। शहर के बीचोंबीच रामलीला मैदान के समीप हुई आगजनी की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के समय कोतवाली से किसी प्रकार की त्वरित मदद नहीं मिली। साथ ही फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर उन्हें जल संस्थान की ओर से लगाए गए हाईडेंट्र पाइपों पर करीब एक घंटे तक पानी ही नहीं मिल पाया। तब तक कॉलोनी के तीन आवास पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।
अग्निश्मन अधिकारी नरेंद्र रावत ने बताया कि जल संस्थान की ओर से लगाए गए हाईडेंट्र पाइपों का जब ऑडिट चेक किया गया था तो उस समय उनसे पानी की आपूर्ति पूरे फोर्स के साथ थी लेकिन बीती शनिवार की रात को फायर ब्रिगेड के टैंकों में पानी भरने के लिए उनको करीब पौन घंटा पानी का फोर्स नहीं मिला।
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उसके बाद जल संस्थान के अधिकारियों से संपर्क कर पानी को फोर्स के साथ खुलवाया गया। प्रत्यक्षदर्शी अंजू नौटियाल ने बताया कि घटना के बाद सबसे पहले नगर कोतवाली से मदद मांगी गई लेकिन किसी प्रकार की मदद नहीं मिली। उसके बाद फायर ब्रिगेड भी देरी से मौके पर पहुंची। तो उसके बाद बताया गया कि जल संस्थान के हाईडेंट्र पाइपों में पानी ही नहीं है।
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इससे आग बुझाने में करीब एक से डेढ़ घंटे की देरी हुई। तब तक उनके तीन पड़ोसियों का पूरे घर जलकर राख हो चुके थे। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब शहर के बीचोंबीच लगी आग को बुझाने के लिए पूरी व्यवस्था नहीं है तो दूरस्थ क्षेत्रों से उम्मीद करना ही बेईमानी है। जल संस्थान की लापरवाही के कारण आग बुझाने में सबसे अधिक देरी हुई।