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Uttarkashi News: स्यानाचट्टी में बंद हाईवे को खोलने के लिए चार मशीनें जुटीं
Sun, 12 Jul 2026 05:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 12 Jul 2026 05:20 PM IST
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मलबा डंपिंग स्थल दूर होने से आ रही है दिक्कत
बड़कोट। चार दिन से भूस्खलन की मार झेल रहे यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-134 को बहाल करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने कवायद तेज कर दिया है। स्यानाचट्टी के भूस्खलन प्रभावित स्लाइड जोन में चार मशीनें लगातार युद्धस्तर पर मलबा और बोल्डर हटाने में जुटी हैं। हालांकि, मलबा डंपिंग स्थल दूर होने और लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण मार्ग खोलने में समय लग रहा है।
रविवार को एनएच के एससी अरुण कुमार पाण्डेय ने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण कर बहाली कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन बैली ब्रिज का निरीक्षण कर उसे जल्द तैयार करने को भी कहा।
एनएच के एई अंकित नौटियाल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक डाइवर्जन मार्ग भी तैयार किया गया है ताकि आवश्यक आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल रहने पर हाईवे को सुरक्षित तरीके से जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच यमुनोत्री हाईवे पर हनुमान चट्टी और जंगल चट्टी के पास भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
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रविवार सुबह भूस्खलन और मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था जिसे दोपहर बाद यातायात के लिए खोल दिया गया। बावजूद इसके, पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने और मलबा आने की आशंका बनी हुई है जिससे इस हिस्से में सफर अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है। वहां पर लगातार भूस्खलन की घटनाएं प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
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बड़कोट। चार दिन से भूस्खलन की मार झेल रहे यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-134 को बहाल करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने कवायद तेज कर दिया है। स्यानाचट्टी के भूस्खलन प्रभावित स्लाइड जोन में चार मशीनें लगातार युद्धस्तर पर मलबा और बोल्डर हटाने में जुटी हैं। हालांकि, मलबा डंपिंग स्थल दूर होने और लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण मार्ग खोलने में समय लग रहा है।
रविवार को एनएच के एससी अरुण कुमार पाण्डेय ने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण कर बहाली कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन बैली ब्रिज का निरीक्षण कर उसे जल्द तैयार करने को भी कहा।
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एनएच के एई अंकित नौटियाल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में वैकल्पिक डाइवर्जन मार्ग भी तैयार किया गया है ताकि आवश्यक आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल रहने पर हाईवे को सुरक्षित तरीके से जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच यमुनोत्री हाईवे पर हनुमान चट्टी और जंगल चट्टी के पास भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
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रविवार सुबह भूस्खलन और मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था जिसे दोपहर बाद यातायात के लिए खोल दिया गया। बावजूद इसके, पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने और मलबा आने की आशंका बनी हुई है जिससे इस हिस्से में सफर अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है। वहां पर लगातार भूस्खलन की घटनाएं प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।