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गंगोत्री हाईवे : सुरक्षात्मक कार्योंं पर मंडराया खतरा
Fri, 03 Jul 2026 07:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 03 Jul 2026 07:53 PM IST
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हाईवे के नीचे से भागीरथी नदी से हो रहा है कटाव
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्यों पर उठाए सवाल
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी और चड़ेथी के बीच में बीआरओ की ओर से किए जा सुरक्षात्मक कार्यों व सड़क निर्माण पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि गंगा नदी के तेज प्रवाह से हो रहे कटाव के कारण ही भू-धंसाव होने के कारण सड़क पूरी तरह धंस गई थी। बीआरओ की ओर से नीचे से हो रहे कटाव को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए जबकि ऊपर करोड़ों की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में इस मानसून सीजन में दोबारा सड़क को खतरा बना हुआ है।
गत वर्ष की आपदा के दौरान भटवाड़ी और चड़ेथी के बीच गंगा नदी से हो रहे कटाव के कारण हुए भू-धंसाव के कारण गंगोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर से अधिक हिस्सा धंस गया था। साथ ही उसके ऊपर से भी भूस्खलन हुआ था। इस कारण कई दिन वहां पर आवाजाही बंद रही थी। स्थानीय निवासी विपिन राणा का कहना है कि उसके बाद से वहां पर आवाजाही में लगातार खतरा बना हुआ है।
स्थिति यह है कि पिछले माह भी वहां पर बोल्डर आने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई थी। कहा कि बीआरओ की ओर से मई माह में वहां पर करोड़ों की लागत से सुरक्षात्मक कार्य शुरु किए गए लेकिन वहां पर भू-धंसाव अभी भी जारी है। बीआरओ की ओर सड़क के आसपास वाले क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति रही तो इस बरसात मेें इस पर दोबारा भू-धंसाव होने से करोड़ों की लागत से किए जा रहे कार्यों को नुकसान होगा। पहले नदी किनारे से सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि वहां पर बीआरओ को नदी डायवर्ट कर सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए अभी समय लगेगा।
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स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्यों पर उठाए सवाल
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी और चड़ेथी के बीच में बीआरओ की ओर से किए जा सुरक्षात्मक कार्यों व सड़क निर्माण पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि गंगा नदी के तेज प्रवाह से हो रहे कटाव के कारण ही भू-धंसाव होने के कारण सड़क पूरी तरह धंस गई थी। बीआरओ की ओर से नीचे से हो रहे कटाव को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए जबकि ऊपर करोड़ों की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में इस मानसून सीजन में दोबारा सड़क को खतरा बना हुआ है।
गत वर्ष की आपदा के दौरान भटवाड़ी और चड़ेथी के बीच गंगा नदी से हो रहे कटाव के कारण हुए भू-धंसाव के कारण गंगोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर से अधिक हिस्सा धंस गया था। साथ ही उसके ऊपर से भी भूस्खलन हुआ था। इस कारण कई दिन वहां पर आवाजाही बंद रही थी। स्थानीय निवासी विपिन राणा का कहना है कि उसके बाद से वहां पर आवाजाही में लगातार खतरा बना हुआ है।
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स्थिति यह है कि पिछले माह भी वहां पर बोल्डर आने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई थी। कहा कि बीआरओ की ओर से मई माह में वहां पर करोड़ों की लागत से सुरक्षात्मक कार्य शुरु किए गए लेकिन वहां पर भू-धंसाव अभी भी जारी है। बीआरओ की ओर सड़क के आसपास वाले क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति रही तो इस बरसात मेें इस पर दोबारा भू-धंसाव होने से करोड़ों की लागत से किए जा रहे कार्यों को नुकसान होगा। पहले नदी किनारे से सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि वहां पर बीआरओ को नदी डायवर्ट कर सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए अभी समय लगेगा।