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धराली प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में सरकार विफल : रावत
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 16 Apr 2026 06:05 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप
उत्तरकाशी। धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर लौटे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में सरकार पूरी तरह विफल रही है और अब तक ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं दिख रहा है। रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा की तैयारियां भी बेहद धीमी है जिन कार्यों को यात्रा शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले पूरा हो जाना चाहिए था वे अभी भी अधूरे पड़े हैं। उनका कहना है कि लापरवाही का खामियाजा यात्रियों और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
बृहस्पतिवार को लोनिवि गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हर्षिल की स्थिति को बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में केदारनाथ आपदा के बाद जिस तेजी और प्रतिबद्धता के साथ पुनर्निर्माण कार्य किए गए थे, उसी तर्ज पर धराली में भी कार्यों को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है।
सरकार प्रभावितों का लोन माफ करे और सरकारी जमीन पर जिनका नुकसान हुआ है उनके बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए। भू-धंसाव से प्रभावित भटवाड़ी क्षेत्र को लेकर भी रावत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भटवाड़ी सुरक्षित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे। चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा फिलहाल भगवान भरोसे चल रही है। सड़कें पूरी तरह तैयार नहीं है। यात्रियों के बढ़ते दबाव के अनुरूप पार्किंग व अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई है।
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उत्तरकाशी। धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर लौटे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में सरकार पूरी तरह विफल रही है और अब तक ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं दिख रहा है। रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा की तैयारियां भी बेहद धीमी है जिन कार्यों को यात्रा शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले पूरा हो जाना चाहिए था वे अभी भी अधूरे पड़े हैं। उनका कहना है कि लापरवाही का खामियाजा यात्रियों और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
बृहस्पतिवार को लोनिवि गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हर्षिल की स्थिति को बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में केदारनाथ आपदा के बाद जिस तेजी और प्रतिबद्धता के साथ पुनर्निर्माण कार्य किए गए थे, उसी तर्ज पर धराली में भी कार्यों को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है।
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सरकार प्रभावितों का लोन माफ करे और सरकारी जमीन पर जिनका नुकसान हुआ है उनके बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए। भू-धंसाव से प्रभावित भटवाड़ी क्षेत्र को लेकर भी रावत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भटवाड़ी सुरक्षित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे। चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा फिलहाल भगवान भरोसे चल रही है। सड़कें पूरी तरह तैयार नहीं है। यात्रियों के बढ़ते दबाव के अनुरूप पार्किंग व अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई है।
