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Uttarkashi News: यमुनोत्री में कांवड़िये जान खतरे में डालकर भर रहे जल
Sun, 09 Aug 2026 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:06 PM IST
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उबड़-खाबड़ और फिसलन भरे पत्थरों के बीच जल लेने उतर रहे हैं श्रद्धालु
बड़कोट। सावन में यमुनोत्री धाम में कांवड़ यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में है। यमुना का जलस्तर बढ़ा है और बहाव तेज है। इसके बावजूद कांवड़ यात्री उबड़-खाबड़ और फिसलन भरे पत्थरों के बीच नदी में उतरकर स्नान और जल भर रहे हैं। स्नान घाट पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, सुरक्षा रस्सियां और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं होने से श्रद्धालु खुले तौर पर जोखिम उठा रहे हैं।
कांवड़ यात्री आस्था के चलते तेज बहाव वाली यमुना में उतर रहे हैं। कई श्रद्धालु असुरक्षित स्थानों से नदी तक पहुंचकर स्नान कर रहे हैं और कांवड़ में जल भर रहे हैं। ऐसे में जरा सी चूक, पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर श्रद्धालु तेज बहाव की चपेट में आ सकते हैं। यमुनोत्री जैसे संवेदनशील और देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले प्रमुख धाम में नदी घाट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
खासकर कांवड़ यात्रा के दौरान यहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है लेकिन वर्तमान स्थिति में श्रद्धालुओं को खुद ही जोखिम उठाकर स्नान करना पड़ रहा है। कांवड़ यात्रियों ने धाम में सुरक्षित स्नान के लिए तत्काल पुख्ता इंतजाम की मांग की है। वहीं यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने प्रशासन से स्नान घाटों पर पुलिस और एसडीआरएफ की तैनाती, पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा रस्सियों की व्यवस्था करने की मांग की है।
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बड़कोट। सावन में यमुनोत्री धाम में कांवड़ यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में है। यमुना का जलस्तर बढ़ा है और बहाव तेज है। इसके बावजूद कांवड़ यात्री उबड़-खाबड़ और फिसलन भरे पत्थरों के बीच नदी में उतरकर स्नान और जल भर रहे हैं। स्नान घाट पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, सुरक्षा रस्सियां और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं होने से श्रद्धालु खुले तौर पर जोखिम उठा रहे हैं।
कांवड़ यात्री आस्था के चलते तेज बहाव वाली यमुना में उतर रहे हैं। कई श्रद्धालु असुरक्षित स्थानों से नदी तक पहुंचकर स्नान कर रहे हैं और कांवड़ में जल भर रहे हैं। ऐसे में जरा सी चूक, पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर श्रद्धालु तेज बहाव की चपेट में आ सकते हैं। यमुनोत्री जैसे संवेदनशील और देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले प्रमुख धाम में नदी घाट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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खासकर कांवड़ यात्रा के दौरान यहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है लेकिन वर्तमान स्थिति में श्रद्धालुओं को खुद ही जोखिम उठाकर स्नान करना पड़ रहा है। कांवड़ यात्रियों ने धाम में सुरक्षित स्नान के लिए तत्काल पुख्ता इंतजाम की मांग की है। वहीं यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने प्रशासन से स्नान घाटों पर पुलिस और एसडीआरएफ की तैनाती, पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा रस्सियों की व्यवस्था करने की मांग की है।
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