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Uttarkashi News: खरादी क्षेत्र में यमुना डायवर्जन का विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 07 Jun 2026 06:33 PM IST
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क्षेत्रवासियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, यमुना के बहाव को बस्ती की ओर मोड़ने का आरोप
बड़कोट। खरादी क्षेत्र के ग्रामीणों ने यमुना नदी में किए जा रहे डायवर्जन कार्य को लेकर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि यमुना नदी को चैनेलाइजेशन के नाम पर नदी के बहाव को बस्ती की ओर मोड़ा जा रहा है जिससे क्षेत्र में भारी खतरे की आशंका बढ़ गई है। हालांकि सिंचाई विभाग ने इससे पल्ला झाड़ा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सिंचाई निर्माण खंड पुरोला की ओर से नगाणगांव क्षेत्र में पोकलेन मशीन यमुना नदी का डायवर्जन कर मलबा दोनों ओर एकत्र किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खरादी की ओर पहले से सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक कार्य किए हैं लेकिन वर्तमान कार्यों से सरकारी परिसंपत्तियों के साथ-साथ सैकड़ों आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का डर है कि यदि नदी का प्रवाह इसी तरह बस्ती की ओर रहा तो वर्ष 2013 की आपदा जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बने सुरक्षात्मक कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तत्काल जांच कराई जाए और डायवर्जन से निकले मलबे को पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार के अनुरूप व्यवस्थित रूप से डाला जाए।
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नदी में मनमाने तरीके से हो रहे चैनेलाइजेशन कार्य को लेकर यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल से भी हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सोवेन्द्र सिंह, प्रमोद सिंह पयाल, प्रज्ञा रावत, कुलबीर रावत, राजेन्द्र रावत, मोहन सिंह पंवार शामिल रहे। इधर सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल कहते हैं कि खरादी में इस तरह का कोई काम नहीं किया जा रहा है। करीब एक साल पहले दो मशीनों को लगा कर कुछ हिस्से में चैनेलाइजेशन किया गया था वर्तमान में नहीं।
बड़कोट। खरादी क्षेत्र के ग्रामीणों ने यमुना नदी में किए जा रहे डायवर्जन कार्य को लेकर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि यमुना नदी को चैनेलाइजेशन के नाम पर नदी के बहाव को बस्ती की ओर मोड़ा जा रहा है जिससे क्षेत्र में भारी खतरे की आशंका बढ़ गई है। हालांकि सिंचाई विभाग ने इससे पल्ला झाड़ा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सिंचाई निर्माण खंड पुरोला की ओर से नगाणगांव क्षेत्र में पोकलेन मशीन यमुना नदी का डायवर्जन कर मलबा दोनों ओर एकत्र किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खरादी की ओर पहले से सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक कार्य किए हैं लेकिन वर्तमान कार्यों से सरकारी परिसंपत्तियों के साथ-साथ सैकड़ों आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर खतरा मंडरा रहा है।
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स्थानीय लोगों का डर है कि यदि नदी का प्रवाह इसी तरह बस्ती की ओर रहा तो वर्ष 2013 की आपदा जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बने सुरक्षात्मक कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तत्काल जांच कराई जाए और डायवर्जन से निकले मलबे को पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार के अनुरूप व्यवस्थित रूप से डाला जाए।
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