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Uttarkashi News: बीआरओ से हटाए गए 40 से अधिक मजदूरों में आक्रोश
Mon, 28 Sep 2026 05:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 28 Sep 2026 05:32 PM IST
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18 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं मजदूर
उत्तरकाशी। बीआरओ तेखला में वर्षों से दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे 40 से अधिक स्थानीय मजदूरों को अचानक काम से हटा दिए जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का आरोप है कि 23 सितंबर को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें काम से बाहर कर दिया गया। 18 साल से अधिक समय से बीआरओ में सेवाएं दे रहे मजदूर अब काम पर वापस लेने और हटाए जाने का कारण बताने की मांग कर रहे हैं।
बीआरओ के मजदूर आनंद सिंह, पवनेश व्यास, रविंद्र सिंह और अनिल कुमार ने बताया कि अचानक काम छिन जाने से बच्चों की स्कूल फीस, कमरों का किराया और परिवार के रोजमर्रा के खर्चों की चिंता सताने लगी है। उन्होंने बताया कि काम से हटाए जाने का कारण जानने और अपनी समस्या रखने के लिए बीआरओ के कमान अधिकारी से मिलने का प्रयास किया गया।
प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का अवसर नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि न तो उन्हें दोबारा काम पर रखा गया और न ही हटाने का स्पष्ट कारण बताया गया। कहा कि इस संबंध में 25 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर भी समस्या के समाधान की मांग की गई थी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 30 सितंबर को बीआरओ तेखला कार्यालय परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
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उत्तरकाशी। बीआरओ तेखला में वर्षों से दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे 40 से अधिक स्थानीय मजदूरों को अचानक काम से हटा दिए जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का आरोप है कि 23 सितंबर को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें काम से बाहर कर दिया गया। 18 साल से अधिक समय से बीआरओ में सेवाएं दे रहे मजदूर अब काम पर वापस लेने और हटाए जाने का कारण बताने की मांग कर रहे हैं।
बीआरओ के मजदूर आनंद सिंह, पवनेश व्यास, रविंद्र सिंह और अनिल कुमार ने बताया कि अचानक काम छिन जाने से बच्चों की स्कूल फीस, कमरों का किराया और परिवार के रोजमर्रा के खर्चों की चिंता सताने लगी है। उन्होंने बताया कि काम से हटाए जाने का कारण जानने और अपनी समस्या रखने के लिए बीआरओ के कमान अधिकारी से मिलने का प्रयास किया गया।
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प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का अवसर नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि न तो उन्हें दोबारा काम पर रखा गया और न ही हटाने का स्पष्ट कारण बताया गया। कहा कि इस संबंध में 25 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर भी समस्या के समाधान की मांग की गई थी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 30 सितंबर को बीआरओ तेखला कार्यालय परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
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