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Uttarkashi News: तैनाती महानिदेशालय में और वेतन मिल रहा जीआईसी डामटा से
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 02 Apr 2026 07:38 PM IST
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नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता नहीं होने से 12वीं के 57 बच्चे भविष्य को लेकर चिंतित
पद खाली नहीं होने से अतिथि शिक्षक की भी नहीं हो पा रही है तैनाती
नौगांव (उत्तरकाशी)। डेढ़ वर्ष से महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा में कार्ययोजित जीआईसी डामटा की नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता का नए शिक्षा सत्र में भी मूल विद्यालय में वापसी नहीं हो पाई है। ऐसे में 12वीं में इस विषय को पढ़ने वाले 57 बच्चे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। स्थिति यह है कि प्रवक्ता को महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा में लगाया गया है जिससे पद खाली भी नहीं है। ऐसे में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति भी नहीं हो पा रही है। प्रवक्ता का वेतन भी जीआईसी डामटा से ही निकल रहा है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सरकारी कार्यक्रमों में शिकायत दर्ज कर उनकी मूल विद्यालय में वापसी की मांग कर चुके हैं। लोग मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन राजनैतिक संरक्षण की वजह से शिकायत पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। भाजपा के ही एक स्थानीय नेता ने सेटिंग गेटिंग के खेल पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि सरकार को बच्चों के भविष्य से कोई लेना देना नहीं है।
डामटा में नियुक्त नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता प्रियंका तोमर को डेढ़ वर्ष पहले महानिदेशक विद्यालय शिक्षा के विद्या समीक्षा केंद्र में संचालित गतिविधियों के संचालन में सहयोग के लिए कार्ययोजित किया गया है जबकि उनके वेतन का भुगतान मूल विद्यालय डामटा से हो रहा है।
पद रिक्त न होने से उनकी जगह अतिथि शिक्षक की भी नियुक्ति नहीं हो पा रही है। प्रधानाचार्य यशवंत कुमार काला का कहना है कि उच्चाधिकारियों के लिखित आदेश के अनुपालन में नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता को रिलीव किया गया है। अभी भी उनका वेतन भुगतान मूल विद्यालय डामटा से किया जा रहा है।
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पद खाली नहीं होने से अतिथि शिक्षक की भी नहीं हो पा रही है तैनाती
नौगांव (उत्तरकाशी)। डेढ़ वर्ष से महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा में कार्ययोजित जीआईसी डामटा की नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता का नए शिक्षा सत्र में भी मूल विद्यालय में वापसी नहीं हो पाई है। ऐसे में 12वीं में इस विषय को पढ़ने वाले 57 बच्चे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। स्थिति यह है कि प्रवक्ता को महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा में लगाया गया है जिससे पद खाली भी नहीं है। ऐसे में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति भी नहीं हो पा रही है। प्रवक्ता का वेतन भी जीआईसी डामटा से ही निकल रहा है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सरकारी कार्यक्रमों में शिकायत दर्ज कर उनकी मूल विद्यालय में वापसी की मांग कर चुके हैं। लोग मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन राजनैतिक संरक्षण की वजह से शिकायत पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। भाजपा के ही एक स्थानीय नेता ने सेटिंग गेटिंग के खेल पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि सरकार को बच्चों के भविष्य से कोई लेना देना नहीं है।
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डामटा में नियुक्त नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता प्रियंका तोमर को डेढ़ वर्ष पहले महानिदेशक विद्यालय शिक्षा के विद्या समीक्षा केंद्र में संचालित गतिविधियों के संचालन में सहयोग के लिए कार्ययोजित किया गया है जबकि उनके वेतन का भुगतान मूल विद्यालय डामटा से हो रहा है।
पद रिक्त न होने से उनकी जगह अतिथि शिक्षक की भी नियुक्ति नहीं हो पा रही है। प्रधानाचार्य यशवंत कुमार काला का कहना है कि उच्चाधिकारियों के लिखित आदेश के अनुपालन में नागरिक शास्त्र की प्रवक्ता को रिलीव किया गया है। अभी भी उनका वेतन भुगतान मूल विद्यालय डामटा से किया जा रहा है।