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राहत : तीन साल बाद सरबडियाड़ के आठ गांवों की पुलिया बनी
Mon, 27 Jul 2026 05:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 27 Jul 2026 05:41 PM IST
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2022 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी पुलिया
पुरोला। सरबडियाड़ क्षेत्र के आठ गांवों के ग्रामीणों को लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2022 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई मराड़ी खड़ पुलिया के खुटों और सुरक्षा दीवार की मरम्मत पूरी होने के बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा शुरू हो गया है। इससे सर, लेवटाड़ी, किमडार, पौंटी, गोल, कसलांव, छानिका और डिगाड़ी गांवों का तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय पुरोला से संपर्क फिर से सुचारु हो गया है।
यह क्षेत्र आजादी के बाद से सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। बरसात के मौसम में उफनती मराड़ी खड़ ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती थी। पिछले एक दशक में यहां बनी कई अस्थायी लकड़ी की पुलियाएं बाढ़ में बह गईं। वर्ष 2010-11 में जिला योजना के तहत आरसीसी पुलिया का निर्माण कराया गया लेकिन वर्ष 2022 की आपदा में इसके खुटे और सुरक्षा दीवार बह जाने से पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई।
करीब तीन वर्षों तक ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर मराड़ी खड़ पार करनी पड़ती थी। विशेष रूप से बीमार मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को सीएचसी नौगांव व उपजिला चिकित्सालय पुरोला पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। करीब पांच माह पूर्व सरबडियाड़ में आयोजित बहुद्देशीय शिविर में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के समक्ष समस्या रखी थी।
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इसके बाद डीएम ने पुलिया की मरम्मत के लिए आठ लाख स्वीकृत किए। कार्य पूरा होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों की आवाजाही सामान्य हो गई है। ग्राम प्रधान जयवीर सिंह सहित ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि पुलिया की मरम्मत से आठ गांवों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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पुरोला। सरबडियाड़ क्षेत्र के आठ गांवों के ग्रामीणों को लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2022 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई मराड़ी खड़ पुलिया के खुटों और सुरक्षा दीवार की मरम्मत पूरी होने के बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा शुरू हो गया है। इससे सर, लेवटाड़ी, किमडार, पौंटी, गोल, कसलांव, छानिका और डिगाड़ी गांवों का तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय पुरोला से संपर्क फिर से सुचारु हो गया है।
यह क्षेत्र आजादी के बाद से सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। बरसात के मौसम में उफनती मराड़ी खड़ ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती थी। पिछले एक दशक में यहां बनी कई अस्थायी लकड़ी की पुलियाएं बाढ़ में बह गईं। वर्ष 2010-11 में जिला योजना के तहत आरसीसी पुलिया का निर्माण कराया गया लेकिन वर्ष 2022 की आपदा में इसके खुटे और सुरक्षा दीवार बह जाने से पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई।
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करीब तीन वर्षों तक ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर मराड़ी खड़ पार करनी पड़ती थी। विशेष रूप से बीमार मरीजों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को सीएचसी नौगांव व उपजिला चिकित्सालय पुरोला पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। करीब पांच माह पूर्व सरबडियाड़ में आयोजित बहुद्देशीय शिविर में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के समक्ष समस्या रखी थी।
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इसके बाद डीएम ने पुलिया की मरम्मत के लिए आठ लाख स्वीकृत किए। कार्य पूरा होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों की आवाजाही सामान्य हो गई है। ग्राम प्रधान जयवीर सिंह सहित ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि पुलिया की मरम्मत से आठ गांवों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।