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Uttarkashi News: हर्षिल में भागीरथी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
Wed, 01 Jul 2026 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 01 Jul 2026 07:03 PM IST
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हर्षिल क्षेत्र का निरीक्षण करते डीमए प्रशांत आर्य। स्रोत सूचना विभाग
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डीएम ने हालात का लिया जायजा, सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
बोले, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और जन सुरक्षा प्राथमिका
उत्तरकाशी। मानसून के बीच हर्षिल में भागीरथी नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और नदी के प्राकृतिक बहाव को बनाए रखने, कटाव रोकने और सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी और जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बहाव क्षेत्र में एक पेड़ के कारण जलधारा प्रभावित होने की आशंका जताते हुए सिंचाई विभाग को उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही नदी के दूसरी ओर झुके हुए पेड़ों को भी हटाने के आदेश दिए ताकि नदी का प्राकृतिक बहाव बाधित न हो। जिलाधिकारी ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के समीप चल रहे सीसी ब्लॉक एवं वायरक्रेट सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे मानसून के दौरान नदी किनारे स्थित आवासीय भवनों और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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नदी का कटाव रोकने और संभावित जोखिम को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान आर्मी कर्नल शशांक सप्पल, उपजिलाधिकारी भटवाड़ी शालिनी नेगी, अधिशासी अभियंता सिंचाई सचिन सिंहल, डीडीएमओ शार्दुल गुसाईं मौजूद रहे।
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बोले, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और जन सुरक्षा प्राथमिका
उत्तरकाशी। मानसून के बीच हर्षिल में भागीरथी नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और नदी के प्राकृतिक बहाव को बनाए रखने, कटाव रोकने और सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी और जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बहाव क्षेत्र में एक पेड़ के कारण जलधारा प्रभावित होने की आशंका जताते हुए सिंचाई विभाग को उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही नदी के दूसरी ओर झुके हुए पेड़ों को भी हटाने के आदेश दिए ताकि नदी का प्राकृतिक बहाव बाधित न हो। जिलाधिकारी ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के समीप चल रहे सीसी ब्लॉक एवं वायरक्रेट सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण किया।
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उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे मानसून के दौरान नदी किनारे स्थित आवासीय भवनों और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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नदी का कटाव रोकने और संभावित जोखिम को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान आर्मी कर्नल शशांक सप्पल, उपजिलाधिकारी भटवाड़ी शालिनी नेगी, अधिशासी अभियंता सिंचाई सचिन सिंहल, डीडीएमओ शार्दुल गुसाईं मौजूद रहे।