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Uttarkashi News: कामर गांव की सड़क चार दिन से बंद
Wed, 01 Jul 2026 06:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 01 Jul 2026 06:28 PM IST
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ग्रामीण छह किमी की पैदल दूरी नापने के लिए मजबूर
सड़क बंद होने से ग्रामीण मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं आलू
उत्तरकाशी। नाल्ड-कठूड़ क्षेत्र के दूरस्थ कामर गांव को जोड़ने वाली सड़क चार दिन से बंद पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें गांव पहुंचने के लिए करीब पांच से छह किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सड़क बंद होने के कारण लोगों के आलू मंडी तक न पहुंच पाने के कारण खराब हो रहे हैं। कहा कि जब पिछले चार दिन में सड़क नहीं खुल पाई तो अब बरसात शुरू होने पर उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी।
कामर गांव की ग्राम प्रधान राजेश्वरी देवी, प्रकाश राणा, महावीर राणा ने बताया कि बीते शनिवार को कुलड़ा नामे तोक के समीप भूस्खलन होने के कारण सड़क बंद हो गई थी। वहां पर ग्रामीणों ने स्वयं ही बोल्डर और मलबा हटाकर किसी प्रकार से दोपहिया वाहनों के लिए खतरे के बीच रास्ता तैयार किया लेकिन बीते मंगलवार को हुई बारिश के बाद अधिक मलबा आने के कारण सड़क पर हर प्रकार की आवाजाही बंद हो गई है।
इस कारण ग्रामीणों को करीब पांच से छह किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजन विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास मशीन संचालन के लिए ऑपरेटर ही उपलब्ध नहीं है। इससे अब मानसून सीजन शुरू होने से पहले ही गांव का संपर्क अन्य गांव और जिला मुख्यालय से कट गया है।
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कहा कि इन दिनों ग्रामीण आलू मंडियों तक पहुंचाते हैं लेकिन सड़क बंद होने के कारण वह घरों और सड़क पर खराब हो रहे हैं। महावीर राणा ने बताया कि कुलड़ा तोक के समीप हमेशा से ही भूस्खलन होता है। गत वर्ष बोल्डर और मलबा आने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसके बावजूद भी विभाग व प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।
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सड़क बंद होने से ग्रामीण मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं आलू
उत्तरकाशी। नाल्ड-कठूड़ क्षेत्र के दूरस्थ कामर गांव को जोड़ने वाली सड़क चार दिन से बंद पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें गांव पहुंचने के लिए करीब पांच से छह किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सड़क बंद होने के कारण लोगों के आलू मंडी तक न पहुंच पाने के कारण खराब हो रहे हैं। कहा कि जब पिछले चार दिन में सड़क नहीं खुल पाई तो अब बरसात शुरू होने पर उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी।
कामर गांव की ग्राम प्रधान राजेश्वरी देवी, प्रकाश राणा, महावीर राणा ने बताया कि बीते शनिवार को कुलड़ा नामे तोक के समीप भूस्खलन होने के कारण सड़क बंद हो गई थी। वहां पर ग्रामीणों ने स्वयं ही बोल्डर और मलबा हटाकर किसी प्रकार से दोपहिया वाहनों के लिए खतरे के बीच रास्ता तैयार किया लेकिन बीते मंगलवार को हुई बारिश के बाद अधिक मलबा आने के कारण सड़क पर हर प्रकार की आवाजाही बंद हो गई है।
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इस कारण ग्रामीणों को करीब पांच से छह किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजन विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास मशीन संचालन के लिए ऑपरेटर ही उपलब्ध नहीं है। इससे अब मानसून सीजन शुरू होने से पहले ही गांव का संपर्क अन्य गांव और जिला मुख्यालय से कट गया है।
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कहा कि इन दिनों ग्रामीण आलू मंडियों तक पहुंचाते हैं लेकिन सड़क बंद होने के कारण वह घरों और सड़क पर खराब हो रहे हैं। महावीर राणा ने बताया कि कुलड़ा तोक के समीप हमेशा से ही भूस्खलन होता है। गत वर्ष बोल्डर और मलबा आने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसके बावजूद भी विभाग व प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।