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Uttarkashi News: जिले में लावारिस कुत्तों की दहशत, तीन माह में 436 लोगों को किया जख्मी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 06 Jun 2026 07:26 PM IST
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लावारिस पशुओं से भी लोग परेशान, तीन माह में 518 लोगों पर किया हमला
जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं दस मामले
उत्तरकाशी। जनपद में लावारिस कुत्तों और बंदरों की दहशत बनी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन महीनों में कुत्तों, बंदरों, बिल्लियों सहित अन्य जानवरों के काटने के 518 मामले सामने आए हैं। सभी प्रभावित लोगों को एंटी-रेबीज और टिटनेस के इंजेक्शन लगाए गए। बीते शुक्रवार को भी बाजार में कुत्ते ने दस वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया। अस्पताल में रोजाना पांच से दस मामले सामने आ रहे हैं।
अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार मार्च में 81 मामले आए हैं जिनमें 58 लोगों को कुत्ते, छह को बिल्ली, 16 को बंदर और एक व्यक्ति को छिपकली ने काटा। अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 226 पहुंच गई। इस दौरान 200 लोगों को कुत्तों, तीन को बिल्लियों, 23 को बंदरों और एक व्यक्ति को चूहे ने काटा। मई में 211 मामले सामने आए जिनमें 178 लोगों को कुत्तों, चार को बिल्लियों, 27 को बंदरों और दो लोगों को चूहों ने काटा।
तीन महीनों में सबसे अधिक 436 मामले कुत्तों के काटने के सामने आए हैं जबकि 66 लोगों को बंदरों ने जख्मी किया है। जिला अस्पताल के अनुसार अधिकतर मामले भटवाड़ी क्षेत्र और जिला मुख्यालय से लगे गंगौरी, ज्ञानसू, जोशीयाड़ा, मानपुर और मुख्य बाजार क्षेत्र से सामने आ रहे हैं। बीते शुक्रवार को भी नगर क्षेत्र में एक कुत्ते ने पांच से छह लोगों को काट लिया था।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीएस पोखरियाल ने बताया कि लावारिस पशुओं की समस्या को लेकर नगर पालिका को पत्र भेजा गया है। उन्होंने नगर क्षेत्र में पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी कुत्ते के काटने पर लोगों को घबराने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं दस मामले
उत्तरकाशी। जनपद में लावारिस कुत्तों और बंदरों की दहशत बनी है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन महीनों में कुत्तों, बंदरों, बिल्लियों सहित अन्य जानवरों के काटने के 518 मामले सामने आए हैं। सभी प्रभावित लोगों को एंटी-रेबीज और टिटनेस के इंजेक्शन लगाए गए। बीते शुक्रवार को भी बाजार में कुत्ते ने दस वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया। अस्पताल में रोजाना पांच से दस मामले सामने आ रहे हैं।
अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार मार्च में 81 मामले आए हैं जिनमें 58 लोगों को कुत्ते, छह को बिल्ली, 16 को बंदर और एक व्यक्ति को छिपकली ने काटा। अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 226 पहुंच गई। इस दौरान 200 लोगों को कुत्तों, तीन को बिल्लियों, 23 को बंदरों और एक व्यक्ति को चूहे ने काटा। मई में 211 मामले सामने आए जिनमें 178 लोगों को कुत्तों, चार को बिल्लियों, 27 को बंदरों और दो लोगों को चूहों ने काटा।
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तीन महीनों में सबसे अधिक 436 मामले कुत्तों के काटने के सामने आए हैं जबकि 66 लोगों को बंदरों ने जख्मी किया है। जिला अस्पताल के अनुसार अधिकतर मामले भटवाड़ी क्षेत्र और जिला मुख्यालय से लगे गंगौरी, ज्ञानसू, जोशीयाड़ा, मानपुर और मुख्य बाजार क्षेत्र से सामने आ रहे हैं। बीते शुक्रवार को भी नगर क्षेत्र में एक कुत्ते ने पांच से छह लोगों को काट लिया था।
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