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भिक्षावृत्ति व मानव तस्करी को रोकने को उठाएं सख्त कदम: एसपी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:45 PM IST
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उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए जनपद में बाल श्रम, भिक्षावृत्ति व मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तय किया गया कि बाल श्रम और भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए जाने वाले मामलों में त्वरित रेस्क्यू और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।
बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और बाहरी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों, पड़ावों, होटलों, ढाबों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी बड़ा दायित्व है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर सतर्क निगरानी व्यवस्था लागू करनी होगी। इस दौरान मानव तस्करी की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सूचना तंत्र को सक्रिय करने पर भी सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि यात्राकाल में बाहरी राज्यों से आने वाले असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की मानव तस्करी या शोषण की संभावना को शुरुआत में ही रोका जा सके। बैठक में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी प्रमोद उनियाल, निरीक्षक टीकम सिंह बिष्ट, एसआई गीता सहित महिला काउंसलिंग सेल, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और बाहरी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों, पड़ावों, होटलों, ढाबों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी बड़ा दायित्व है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर सतर्क निगरानी व्यवस्था लागू करनी होगी। इस दौरान मानव तस्करी की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सूचना तंत्र को सक्रिय करने पर भी सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि यात्राकाल में बाहरी राज्यों से आने वाले असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की मानव तस्करी या शोषण की संभावना को शुरुआत में ही रोका जा सके। बैठक में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी प्रमोद उनियाल, निरीक्षक टीकम सिंह बिष्ट, एसआई गीता सहित महिला काउंसलिंग सेल, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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