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Uttarkashi News: सुरक्षा के लिए टीएचडीसी की विशेषज्ञ टीम ने किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 28 Apr 2026 06:59 PM IST
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झील के कटाव और भूस्खलन से क्षेत्र को बचाने के लिए बनाई गई गैबियन वॉल देखी
चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध की झील से प्रभावित चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के मुख्य बाजार की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को टीएचडीसी की विशेषज्ञ टीम सर्वे करने पहुंची। टीम ने झील के कटाव और भूस्खलन से बचाने के लिए बनाई गई करोड़ों की गैबियन वॉल का तकनीकी मूल्यांकन किया। साथ ही उसके प्रभावी उपचार के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने के विकल्पों पर भी चर्चा की।
वर्ष 2018 में टीएचडीसी की ओर से बाजार क्षेत्र को झील के कटाव और भूस्खलन से बचाने के उद्देश्य से गैबियन वॉल का निर्माण कराया गया था जिससे लगभग 5 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत आई थी। समय के साथ इस सुरक्षा दीवार का करीब 20 मीटर हिस्सा जमीन में धंस गया जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।
इसी समस्या के समाधान के लिए मंगलवार को चिन्यालीसौड़ मुख्य बाजार में टीएचडीसी की विशेषज्ञ टीम की ओर से विस्तृत डिजाइन सर्वे किया गया। सर्वे का उद्देश्य धंसी हुई गैबियन वॉल की स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन करना और उसके प्रभावी उपचार के लिए नई कार्ययोजना तैयार करना है। सर्वे टीम में एजीएम डिजाइन आकाशदीप, जियोलॉजिस्ट मणि कंडन और सहायक प्रबंधक अंजली ओमार शामिल रहे।
इस दौरान टीएचडीसी के उप प्रबंधक अतुल बहुगुणा ने बताया कि सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर जल्द ही ठोस सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे। सर्वे टीम के पहुंचने पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष शूरवीर रांगड़, कनिष्ठ प्रमुख भानुप्रिया थपलियाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और पूर्व प्रधान खुशपाल चंद रमोला ने टीएचडीसी का आभार जताया।
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चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध की झील से प्रभावित चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के मुख्य बाजार की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को टीएचडीसी की विशेषज्ञ टीम सर्वे करने पहुंची। टीम ने झील के कटाव और भूस्खलन से बचाने के लिए बनाई गई करोड़ों की गैबियन वॉल का तकनीकी मूल्यांकन किया। साथ ही उसके प्रभावी उपचार के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने के विकल्पों पर भी चर्चा की।
वर्ष 2018 में टीएचडीसी की ओर से बाजार क्षेत्र को झील के कटाव और भूस्खलन से बचाने के उद्देश्य से गैबियन वॉल का निर्माण कराया गया था जिससे लगभग 5 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत आई थी। समय के साथ इस सुरक्षा दीवार का करीब 20 मीटर हिस्सा जमीन में धंस गया जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।
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इसी समस्या के समाधान के लिए मंगलवार को चिन्यालीसौड़ मुख्य बाजार में टीएचडीसी की विशेषज्ञ टीम की ओर से विस्तृत डिजाइन सर्वे किया गया। सर्वे का उद्देश्य धंसी हुई गैबियन वॉल की स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन करना और उसके प्रभावी उपचार के लिए नई कार्ययोजना तैयार करना है। सर्वे टीम में एजीएम डिजाइन आकाशदीप, जियोलॉजिस्ट मणि कंडन और सहायक प्रबंधक अंजली ओमार शामिल रहे।
इस दौरान टीएचडीसी के उप प्रबंधक अतुल बहुगुणा ने बताया कि सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर जल्द ही ठोस सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे। सर्वे टीम के पहुंचने पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष शूरवीर रांगड़, कनिष्ठ प्रमुख भानुप्रिया थपलियाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और पूर्व प्रधान खुशपाल चंद रमोला ने टीएचडीसी का आभार जताया।

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