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Uttarkashi News: नायब तहसीलदार न होने से अटके आंदोलनकारियों के काम
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 07 Feb 2026 05:20 PM IST
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चिह्नीकरण की तिथि तय करने की मांग, समस्याओं को लेकर डीएम को भेजा ज्ञापन
पुरोला। राज्य आंदोलनकारी समिति के पदाधिकारियों ने चिह्नीकरण और आश्रितों को पेंशन संबंधित समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। वे लंबे समय से समस्याओं के निस्तारण की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। जल्द ही समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
डीएम को प्रेषित ज्ञापन में राज्य आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष विपिन चौहान ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण के लिए छह माह की समयावधि बढ़ाई गई थी लेकिन तहसील स्तर पर तिथि निर्धारित नहीं होने से दर्जनों पात्र राज्य आंदोलनकारी चिह्नीकरण से वंचित रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि तहसील मोरी के दर्जनों राज्य आंदोलनकारियों के सत्यापन दस्तावेज तहसील मुख्यालय में लंबित हैं। इससे उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के पेंशन से जुड़े दस्तावेज सालों से तहसील व जिला स्तर पर ही घूम रहे हैं लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।
इसके साथ ही उन्होंने ज्ञापन में तहसील मोरी में नायब तहसीलदार की तैनाती न होने का मुद्दा भी उठाया गया। समिति ने मोरी तहसील में नायब तहसीलदार के अभाव में राज्य आंदोलनकारियों समेत क्षेत्र दर्जनों कार्य लंबित है। महत्वपूर्ण कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं। समिति ने जिलाधिकारी से नायब तहसीलदार की नियुक्ति एवं आंदोलनकारियों संबंधित मांगों के निस्तारण की मांग की।
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पुरोला। राज्य आंदोलनकारी समिति के पदाधिकारियों ने चिह्नीकरण और आश्रितों को पेंशन संबंधित समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। वे लंबे समय से समस्याओं के निस्तारण की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। जल्द ही समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
डीएम को प्रेषित ज्ञापन में राज्य आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष विपिन चौहान ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण के लिए छह माह की समयावधि बढ़ाई गई थी लेकिन तहसील स्तर पर तिथि निर्धारित नहीं होने से दर्जनों पात्र राज्य आंदोलनकारी चिह्नीकरण से वंचित रह गए हैं।
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उन्होंने कहा कि तहसील मोरी के दर्जनों राज्य आंदोलनकारियों के सत्यापन दस्तावेज तहसील मुख्यालय में लंबित हैं। इससे उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के पेंशन से जुड़े दस्तावेज सालों से तहसील व जिला स्तर पर ही घूम रहे हैं लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।
इसके साथ ही उन्होंने ज्ञापन में तहसील मोरी में नायब तहसीलदार की तैनाती न होने का मुद्दा भी उठाया गया। समिति ने मोरी तहसील में नायब तहसीलदार के अभाव में राज्य आंदोलनकारियों समेत क्षेत्र दर्जनों कार्य लंबित है। महत्वपूर्ण कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं। समिति ने जिलाधिकारी से नायब तहसीलदार की नियुक्ति एवं आंदोलनकारियों संबंधित मांगों के निस्तारण की मांग की।