हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्म शोले के प्रसिद्ध किरदार सूरमा भोपाली से दुनिया भर में पहचाने गए हास्य अभिनेता जगदीप का मुंबई में निधन हो गया। अपने करियर में चार सौ के करीब फिल्में कर चुके जगदीप 81 साल के थे। हिंदी सिनेमा में एक्टर की तरह ही कॉमेडियन का रुतबा भी शुरू से ही रहा है। बात चाहें मुख्य अभिनेता से ज्यादा फीस लेने वाले महमूद की हो या फिर जॉनी वॉकर की। बॉलीवुड फिल्मों में कॉमेडी का तड़का शुरुआती दौर से ही देखने को मिल रहा है। ऐसे में बात करेंगे उन क्लासिकल कॉमेडियन्स की जिनकी पॉपुलैरिटी हीरो से भी ज्यादा रही।
Jagdeep: सूरमा भोपाली समेत इन पांच हास्य कलाकारों ने किया हिंदी सिनेमा पर राज, अपनी पॉपुलैरिटी से हीरो को भी देते थे मात
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जॉनी वॉकर
जॉनी वॉकर (Johnny Walker) को 50, 60 और 70 के दशक का सबसे बेस्ट कॉमेडियन माना जाता है। जॉनी वॉकर बेशक आज हमारे बीच नहीं हों लेकिन उनकी फिल्में आज भी लोग उतनी ही उत्सुकता से देखते हैं। उस दौर की लगभग हर फिल्म में जॉनी वॉकर होते थे।
मुकरी
परदे पर जिन्हें देखते ही दर्शकों के होंठों पर मुस्कुराहट आ जाती थी, ऐसे ही एक शख्स थे मोहम्मद उमर मुकरी। चार फुट कद के गोल-मटोल मुकरी ने 600 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी भूमिका चाहे छोटी ही क्यों ना रही, लेकिन दर्शकों को हंसाने में उन्होंने कभी कंजूसी नहीं बरती। उस दौरान बड़े से बड़ा स्टार भी मुकरी की हास्य प्रतिभा का कायल था।
महमूद अली
अपने विशिष्ट अंदाज, हाव भाव और बेहतरीन आवाज से दर्शकों को हंसाने और गुदगुदाने वाले कॉमेडी किंग महमूद अली ने अभिनय के दम पर महमूद ने करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाया। उस दौरान किसी एक्टर के लिए तालियां बजती थी तो वो महमूद थे। जब शूट खत्म होता तो महमूद के लिए जमकर तालियां बजाईं जाती थीं। महमूद ऐसे कॉमेडियन थे, जिनकी तस्वीर फिल्म के पोस्टर में हीरो के साथ होती थी।
भगवान दादा
भगवान दादा का नाम सुनते ही उनकी कॉमेडी और डांस की अलग स्टाइल जहन में उभरने लगता है। भगवान दादा का असली नाम भगवान आभाजी पालव था।