लगातार हुई भारी बारिश ने बसंतपुर सैंथली स्थित लैंडक्राफ्ट मेट्रो होम्स सोसाइटी की ड्रेनेज और मेंटेनेंस व्यवस्था की पोल खोल दी। ड्रेनेज सिस्टम ठप होने से सोसाइटी का कमर्शियल एरिया और बेसमेंट पार्किंग जलमग्न हो गए। घुटनों तक भरे पानी के कारण कई दुकानों में पानी घुस गया, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और अन्य कीमती सामान खराब हो गया। दुकानदारों ने लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया है।
निवासियों के अनुसार, बारिश के दौरान पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से पूरे परिसर में जलभराव हो गया। कमर्शियल क्षेत्र में सड़कें और रास्ते तालाब में तब्दील हो गए, जिससे ग्राहकों और लोगों का आवागमन भी प्रभावित रहा। वहीं बेसमेंट पार्किंग में पानी भरने से वाहन स्वामियों में भी नुकसान की आशंका बनी रही।
सोसाइटी के मुख्य निवासी पुष्कर त्यागी, विशाल त्यागी, जीवितेश कुमार, आयुषी त्यागी, शुभाष, श्वेता सक्सेना, दिव्या त्यागी, गुड्डन तोमर, वीरेंद्र सिंह, अनुज कुमार, अजय चौधरी, अनिल त्यागी, शिल्पी माहे, अतुल सक्सेना, अनिल कुमार, पुष्प शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने मेंटेनेंस टीम और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि मेंटेनेंस शुल्क नियमित रूप से वसूला जाता है, लेकिन मानसून से पहले न तो ड्रेनेज की सफाई कराई गई और न ही जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम किए गए। इसी लापरवाही के चलते हर बारिश में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
निवासियों ने मांग की है कि सोसाइटी परिसर और बेसमेंट से तत्काल पंप लगाकर पानी निकाला जाए। साथ ही जलभराव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए प्रभावित दुकानदारों और वाहन स्वामियों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि ड्रेनेज सिस्टम को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उनका आरोप है कि मेंटेनेंस व्यवस्था की अनदेखी के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में उन्हें आर्थिक नुकसान और भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।