वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Wed, 10 Jun 2026 12:35 AM IST
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मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने पर कहा, "आज भोपाल में निर्वाचन आयोग ने लोकतंत्र की सबसे बड़ी हत्या की है। महिला आरक्षण की बात करने वाली भाजपा ने एक महिला के निर्वाचन को बिना नियमों के रद्द किया। यह देश की भावी पीढ़ी के साथ गलत हुआ है... यह हमारा सौभाग्य है कि हमें इस लड़ाई को देश में निर्णायक रूप में ले जाने का अवसर मिला, मध्य प्रदेश की जनता, मध्य प्रदेश के 'जेन Z' इस लड़ाई को अंतिम चरण तक लड़ेंगे। यह देश के लोकतंत्र की आज़ादी की शुरूआत है। यह एक दिन की लड़ाई नहीं, यह निरंतर चलने वाली लड़ाई है.
मध्य प्रदेश AICC प्रभारी हरीश चौधरी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कहा, "चुनाव आयोग के माध्यम से आज 'वोट चोरी' के बाद 'सीट चोरी' का क्रम मध्य प्रदेश में शुरू किया गया। हमें देश को बचाना है, देश के संविधान को बचाना है, लोकतंत्र को बचाना है.हर दिशा में लड़ाई लड़नी है। देश को बचाने के लिए, कांग्रेस का कार्यकर्ता और देश का हर वो नागरिक जो संविधान में विश्वास करता है, ये लड़ाई लड़ेगा.हम न्यायपालिका में भी लड़ेंगे और चुनाव आयोग के समक्ष भी लड़ेंगे.
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "चुनाव आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर से जिस प्रकार से नामांकन फॉर्म रद्द किया, उसका कोई आधार नहीं था.हम यहां पर ज्ञापन देने आए हैं कि इस पर विचार हो। रिटर्निंग ऑफिसर के ऊपर केस होना चाहिए.हमें निर्वाचन आयोग सुनना नहीं चाहता। क्या चुनाव आयोग भाजपा का एजेंट बन चुका है? हमारा धरना जारी रहेगा और चुनाव आयोग को हमारी बात को सुनना होगा। ये शुरूआत है। कल पूरे प्रदेश में धरना देना होगा।"
मध्य प्रदेश मंत्री विश्वास सारंग ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कहा, "मेरा तो ये मानना है कि चुनाव होता तो भी मीनाक्षी नटराजन बुरी तरह हारती। भाजपा तीसरी सीट भी जीतने वाली थी.कांग्रेस के नेताओं ने खुलेआम ये बात कही थी कि टिकट बहुत गलत दिया गया है। अलग-अलग गुट मीनाक्षी नटराजन का विरोध कर रहे थे। मेरा ये मानना है कि कांग्रेस को मालूम था कि मीनाक्षी नटराजन बुरी तरह हारने वाली हैं, उनके विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे इसलिए जानबूझकर कांग्रेस द्वारा ये फॉर्म रिजेक्ट करवाया गया.कांग्रेस ने ऐसा 'फेस सेविंग' के लिए किया.क्या राष्ट्रीय पार्टी के लोग गलत फॉर्म भरेंगे? क्या उन्हें आचार संहिता की जानकारी नहीं है?
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