Hindi News
›
Video
›
India News
›
Merger of Regional Parties into Congress: Congress surprises everyone regarding the demand for the merger of r
{"_id":"6a2dd7d53d13843921064b86","slug":"merger-of-regional-parties-into-congress-congress-surprises-everyone-regarding-the-demand-for-the-merger-of-r-2026-06-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"Regional Party Merger In Congress : क्षेत्रीय पार्टियों के कांग्रेस में विलय की मांग पर कांग्रेस ने सबको चौंका","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Regional Party Merger In Congress : क्षेत्रीय पार्टियों के कांग्रेस में विलय की मांग पर कांग्रेस ने सबको चौंका
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sun, 14 Jun 2026 03:51 AM IST
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Rashid Alvi ने विपक्षी दलों के संभावित एकीकरण और असम में हुए परिसीमन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन का अर्थ सभी राजनीतिक दलों का कांग्रेस में विलय नहीं है। उनके अनुसार, देश की कई प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों की अपनी स्वतंत्र पहचान, राजनीतिक आधार और क्षेत्रीय प्रभाव है, इसलिए उनके कांग्रेस में शामिल होने का कोई प्रश्न नहीं उठता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके), Rashtriya Janata Dal (आरजेडी) और Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) जैसी क्षेत्रीय पार्टियां अपने-अपने राज्यों में मजबूत राजनीतिक स्थिति रखती हैं और वे अपनी अलग पहचान बनाए रखेंगी।
राशिद अल्वी ने कहा कि विपक्षी एकता का उद्देश्य सभी दलों का एक ही पार्टी में समाहित होना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ साझा राजनीतिक रणनीति तैयार करना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे राजनीतिक दल, जो कभी कांग्रेस का हिस्सा थे और बाद में अलग होकर अपनी स्वतंत्र पहचान बना चुके हैं, भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार कांग्रेस के साथ फिर से जुड़ने या निकट सहयोग करने पर विचार कर सकते हैं। उनका मानना है कि वैचारिक समानता रखने वाली पार्टियों के बीच सहयोग की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं।
असम की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता ने राज्य में हुए परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में परिसीमन असंवैधानिक तरीके से किया गया, जिसके कारण निर्वाचन क्षेत्रों की संरचना में ऐसे बदलाव हुए जिनसे सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party को राजनीतिक लाभ मिला। राशिद अल्वी का कहना था कि यदि परिसीमन निष्पक्ष और संवैधानिक मानकों के अनुरूप किया जाता, तो चुनावी परिणाम अलग हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से भाजपा राज्य में दोबारा सत्ता हासिल करने में सफल रही।
कांग्रेस नेता के इस बयान को विपक्षी राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने क्षेत्रीय दलों की स्वतंत्र राजनीतिक भूमिका को स्वीकार किया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से निकली पार्टियों की संभावित वापसी की संभावना भी जताई। साथ ही, असम में परिसीमन को लेकर उठाए गए उनके सवाल चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।