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Noida Airport Waterlogging: Water accumulates at Noida's Jewar Airport!
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Noida Airport Water Logging: नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर भरा पानी! Jewar Airport Water Logging
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Wed, 12 Aug 2026 09:25 PM IST
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नोएडा एयरपोर्ट, करोड़ों की लागत, बड़े-बड़े दावे और फिर आसमान से बारिश की कुछ बूंदें क्या गिरीं, एयरपोर्ट का रास्ता ही पानी-पानी हो गया! अब वायरल वीडियो देखकर सवाल उठ रहे हैं कि ये नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है या बारिश में 'वॉटर पार्क'? विपक्ष पूछ रहा है- क्या अब एयरपोर्ट पर नाव चलेगी? अखिलेश यादव ने तो इसे लेकर सरकार पर तंज कसते हुए भ्रष्टाचार तक के आरोप लगा दिए हैं। वहीं एयरपोर्ट प्रशासन की सफाई है कि तेज बारिश के बाद पानी जमा हुआ था और महज 30 मिनट में निकाल दिया गया। लेकिन सवाल ये है कि करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बने एयरपोर्ट को पहली ही बारिश ने ऐसा 'वेलकम' क्यों दिया? क्या ये सिर्फ तेज बारिश का असर है या ड्रेनेज सिस्टम पर भी सवाल खड़े होते हैं?
दरअसल, मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। इसी दौरान जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी अचानक तेज बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग के बीच बने रास्ते पर कुछ देर के लिए जलभराव हो गया। वीडियो में रास्ते पर पानी जमा दिखाई दे रहा है और इसी वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा- "क्या अब एयरपोर्ट पर नाव चलेगी?" इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए "जहां भाजपा सरकार, वहां महा-भ्रष्टाचार" का आरोप लगाया।
यानी विपक्ष ने एयरपोर्ट पर जलभराव को सीधे तौर पर सरकार और निर्माण व्यवस्था से जोड़ दिया। लेकिन बीजेपी सरकार और एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर अलग तस्वीर पेश की गई है।
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, अचानक हुई तेज बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र के बीच रास्ते पर कुछ समय के लिए पानी जमा हुआ था। जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और जल निकासी का काम शुरू किया गया। प्रशासन का दावा है कि आधे घंटे से भी कम समय में पानी निकाल दिया गया और रास्ते पर आवाजाही सामान्य कर दी गई।
जलभराव के दौरान वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि इस वजह से उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और यात्रियों की आवाजाही भी सुचारु रूप से जारी रही। यात्रियों के पिक-अप और ड्रॉप की व्यवस्था भी प्रभावित नहीं हुई।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रियों की सुविधा और टर्मिनल से पार्किंग क्षेत्र के बीच निर्बाध आवाजाही को प्राथमिकता दी जा रही है।
लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। जलभराव का वीडियो वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमला बोला। AAP ने दावा किया कि करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बने एयरपोर्ट की पहली ही बारिश में कथित तौर पर खामियां सामने आ गईं। पार्टी ने इसे घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह समस्या अचानक हुई अत्यधिक तेज बारिश के कारण अस्थायी रूप से पैदा हुई थी और टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
गौर करने वाली बात ये भी है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 28 मार्च 2026 को शुरू हुआ था और 15 जून से इंडिगो की उड़ानों के साथ यहां कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हुआ। यानी एयरपोर्ट के संचालन के शुरुआती दौर में ही बारिश के बाद जलभराव का वीडियो सामने आया है।
अब इस पूरे मामले में दो तस्वीरें सामने हैं। एक तरफ वायरल वीडियो है, जिसे विपक्ष एयरपोर्ट की व्यवस्था और निर्माण पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी तरफ एयरपोर्ट प्रशासन की सफाई है कि जलभराव कुछ समय के लिए हुआ और महज 30 मिनट के भीतर स्थिति सामान्य कर दी गई।
ऐसे में बड़ा सवाल यही है- क्या यह सिर्फ अचानक हुई तेज बारिश की वजह से पैदा हुई अस्थायी समस्या थी, या फिर नोएडा एयरपोर्ट के ड्रेनेज सिस्टम और निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं? फिलहाल वायरल वीडियो ने यूपी की सियासत में जरूर नई बहस छेड़ दी है।
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