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Prayagraj Magh Mela 2026: Sattua Baba, who owns luxurious cars, spoke openly on Magh Mela and lashed out at hi
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Prayagraj Magh Mela 2026: आलीशान गाड़ियों वाले सतुआ बाबा माघ मेला पर खुलकर बोले, विरोधियों पर बरसे!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Thu, 15 Jan 2026 06:30 AM IST
वाराणसी के सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में चल रहे माघ मेले में अपनी आलीशान गाड़ियों के संग्रह के कारण चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। वे कहते हैं, “सिर्फ माघ मेला ही नहीं, बल्कि पूरा भारत विश्व मंच पर चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि यह राम का भारत है, आस्था का भारत है, विकास का भारत है.क्या आध्यात्मिकता में आस्था रखने वाले लोग इन गाड़ियों में सफर नहीं कर सकते? यही सनातन धर्म की शक्ति है। जो लोग सनातन धर्म को दबाने की कोशिश कर रहे थे, जो लोग इसे बांटने की कोशिश कर रहे थे, वे इन्हीं गाड़ियों की रफ्तार के आगे चूर-चूर हो जाएंगे.मुझे गाड़ियों के नाम नहीं पता। मुझे तो यह भी नहीं पता कि इनकी कीमत कितनी है।”
सतुआ बाबा पीठ विष्णुस्वामी संप्रदाय (रुद्र संप्रदाय) से संबंधित है। यह पीठ लगभग 250-300 वर्षों से सनातन संस्कृति और संस्कृत शिक्षा के संरक्षण में लगी है। वे इस परंपरा के 7वें पीठाधीश्वर हैं। नवंबर 2011 में छठे सतुआ बाबा, ब्रह्मलीन यमुनाचार्य महाराज के निधन के बाद संतोष दास जी को इस पीठ की कमान सौंपी गई। उन्हें जगतगुरु और 1008 महामंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त है। फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान उन्हें विधिवत जगतगुरु की उपाधि से विभूषित किया गया था।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के समीप स्थित यह आश्रम कई धार्मिक और सामाजिक कार्यों का केंद्र है: आश्रम के संस्थापक श्री रणछोड़ दास जी महाराज भक्तों को प्रसाद के रूप में सतुआ (भुने हुए चने का आटा) खिलाते थे, जिसके कारण उन्हें 'सतुआ बाबा' कहा जाने लगा और यही नाम पीठ की पहचान बन गया।
यहाँ एक प्राचीन संस्कृत विद्यालय संचालित है जहाँ छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा, भोजन और आवास प्रदान किया जाता है। मणिकर्णिका घाट पर होने वाले अंतिम संस्कारों के दौरान यह आश्रम शोक संतप्त परिवारों को संबल और स्थान प्रदान करता है।सतुआ बाबा अपनी हाई-प्रोफाइल जीवनशैली के लिए भी जाने जाते हैं, जिसे वे 'सनातन की प्रगति' का प्रतीक मानते हैं:
उनके काफिले में लैंड रोवर डिफेंडर और पोर्श (Porsche) जैसी लग्जरी कारें (जिनकी कीमत करोड़ों में है) शामिल हैं। वे अक्सर ब्रांडेड धूप के चश्मों (जैसे Ray-Ban) और आधुनिक गैजेट्स के साथ देखे जाते हैं। उनके अनुसार, संतों को भी समय के साथ आधुनिक संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।
सतुआ बाबा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अत्यंत करीबी माने जाते हैं। सीएम योगी अक्सर उनके आश्रम जाते हैं और कई धार्मिक आयोजनों में दोनों साथ दिखते हैं। वे गौ रक्षा और राम मंदिर आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। वे अक्सर सार्वजनिक मंचों से प्रखर हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के पक्ष में अपनी राय रखते हैं।
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