Hindi News
›
Video
›
India News
›
Union Budget 2026: Why was Shashi Tharoor unhappy with Budget 2026?
{"_id":"697f7832e0f19897a900057b","slug":"union-budget-2026-why-was-shashi-tharoor-unhappy-with-budget-2026-2026-02-01","type":"video","status":"publish","title_hn":"Union Budget 2026: बजट 2026 से क्यों नाराज हुए शशि थरूर?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Union Budget 2026: बजट 2026 से क्यों नाराज हुए शशि थरूर?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Sun, 01 Feb 2026 09:28 PM IST
Link Copied
केंद्रीय बजट 2026 पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण को “हेडलाइंस तक सीमित” बताया और केरल की अनदेखी का आरोप लगाया। थरूर ने कहा कि बजट भाषण में बड़े-बड़े ऐलान तो किए गए, लेकिन जरूरी योजनाओं को लेकर न तो पर्याप्त जानकारी दी गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि उनका लाभ किन राज्यों को मिलेगा।
शशि थरूर ने विशेष रूप से ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) के ऐलान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब इस संस्थान की घोषणा की गई, तब यह नहीं बताया गया कि इसे कहां स्थापित किया जाएगा। थरूर के मुताबिक, आयुर्वेद की सबसे समृद्ध और पुरानी परंपरा केरल में रही है, ऐसे में इस राज्य का नाम तक न लिया जाना हैरान करने वाला है।
‘केरल को क्यों नजरअंदाज किया गया?’
थरूर ने कहा, “हम इंतजार कर रहे थे कि आयुर्वेद संस्थान को लेकर कोई ठोस जानकारी मिलेगी, लेकिन भाषण में केरल का नाम तक नहीं आया। हमारे यहां आयुर्वेद सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा है।”
उन्होंने बजट भाषण में नारियल और मछुआरों के जिक्र पर भी कटाक्ष किया। थरूर ने कहा कि नारियल का जिक्र सुनकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि बात केरल की हो रही होगी, क्योंकि देश में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य केरल ही है। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब वाराणसी और पटना जैसे शहरों का नाम लेकर योजनाओं का उल्लेख किया जा सकता है, तो केरल को सीधे तौर पर क्यों नहीं जोड़ा गया?
शिप रिपेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सवाल
शशि थरूर ने शिप रिपेयर और मैरीटाइम सेक्टर से जुड़ी घोषणाओं पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में केरल की भूमिका ऐतिहासिक और व्यावहारिक दोनों ही रूपों में बेहद अहम है, इसके बावजूद बजट भाषण में वाराणसी और पटना जैसे शहरों का नाम लिया गया, लेकिन केरल का कोई उल्लेख नहीं हुआ।
केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए थरूर ने कहा कि यह सरकार की पुरानी समस्या है घोषणाएं बहुत होती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनके अमल की तस्वीर साफ नहीं होती। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में जानकारी बेहद सीमित थी और संभव है कि विस्तृत दस्तावेजों में कुछ बातें शामिल हों, लेकिन एक अहम राष्ट्रीय दस्तावेज में इस तरह की अस्पष्टता चिंता का विषय है।
थरूर ने यह भी जोड़ा कि वह अभी पूरे बजट दस्तावेज को पढ़ेंगे, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया में उन्हें केरल की उपेक्षा साफ नजर आई है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।