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UP: भदोही का नाम नहीं बदलने पर मायावती ने भाजपा-सपा को घेरा, कहा- इन लोगों का आयोजन नाटकबाजी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 01 Feb 2026 08:29 PM IST
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सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा जैसी पार्टियों ने दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों के संतों, गुरुओं व महापुरुषों की उपेक्षा व तिरस्कार करती रही हैं। लिहाजा उनसे सावधान रहने की जरूरत है।
बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भदोही का नाम संत रविदास नगर दोबारा नहीं करने पर भाजपा और सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने दोनों दलों को जातिवादी करार देते हुए संत रविदास जयंती पर उनके आयोजनों को नाटकबाजी बताया है।
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मायावती ने रविवार को संत रविदास की जयंती पर उनको नमन करने के बाद जारी बयान में कहा कि कांग्रेस व भाजपा जैसी पार्टियों ने दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों के संतों, गुरुओं व महापुरुषों की उपेक्षा व तिरस्कार किया है।
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बसपा की स्थापना के बाद इनके वोटों के स्वार्थ में कांग्रेस, भाजपा व सपा अब इन वर्गों के संतों, गुरुओं व महापुरुषों के जन्मदिन आदि के मौके पर दिखावा व नाटकबाजी करते नजर आते हैं। हालांकि उनके अनुयायियों की आज भी वैसी ही उपेक्षा और तिरस्कार जारी है। लिहाजा उनसे सावधान रहने की जरूरत है।
बिना मांग की थी पहल: मायावती ने कहा कि बसपा सरकार ने भदोही को जिला मुख्यालय का दर्जा सुरक्षित रखते हुए नया संत रविदास जिला बनाया गया था, जिसे सपा सरकार ने जातिवादी व राजनीतिक द्वेष के कारण बदल दिया। वर्तमान भाजपा सरकार ने भी इसका नाम बहाल नहीं किया है, यह दुखद है। यह साबित करता है कि इन पार्टियों की सोच एक जैसी है।
उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में संत रविदास की जन्मनगरी वाराणसी में संत रविदास की प्रतिमा, उनके नाम पर पार्क व घाट की स्थापना, फैजाबाद में राजकीय महाविद्यालय का निर्माण, संत रविदास सम्मान पुरस्कार, संत रविदास पॉलिटेक्निक, एससी-एसटी प्रशिक्षण संस्थान समेत कई कार्य बिना किसी मांग के किए गए थे।
