UP: गेमिंग और एनीमेशन में दक्ष होकर रोजगार के लिए तैयार होंगे युवा, 600 कंटेंट क्रिएटर लैब आ सकती हैं यूपी के
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसके लिए देश भर के 15000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।
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गेमिंग, कॉमिक्स, एनीमेशन, विजुअल इफेक्टस और ब्रॉडकास्टिंग उभरते हुए क्षेत्र हैं। इन नए क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में इन क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश की बड़ी हिस्सेदारी होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसके लिए देश भर के 15000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी। योजना में प्रदेश के करीब 500 माध्यमिक विद्यालयों और 100 महाविद्यालयों को शामिल किए जाने की संभावना है।
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वर्तमान में एनीमेशन, गेमिंग और कॉमिक्स के क्षेत्र में युवाओं को दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रदेश में अपेक्षाकृत कम संभावनाएं हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालय व संस्थान इन क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यहां का शुल्क भी ज्यादा है। ऐसे में केंद्र के सहयोग से विकसित की जाने वाली ये लैब युवाओं के लिए उपयोगी होंगी। सरकार की ओर से इस क्षेत्र में भी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल का रास्ता अपनाया जा सकता है।
101 अटल टिंकरिंग लैब हैं माध्यमिक विद्यालयों में
केंद्र सरकार की ओर से समग्र शिक्षा के तहत कक्षा छह से 12 के छात्रों को तकनीकी क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 101 माध्यमिक विद्यालयों में यह लैब स्थापित की जा चुकी हैं।
प्रदेश के 75 जिलों में एक-एक महिला छात्रावास
उत्तर प्रदेश के आईआईटी, आईआईएम और कुछ प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों को छोड़ दिया जाए तो काफी संस्थानों में छात्राओं को पर्याप्त हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाती है। कई बार इसकी वजह से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना की घोषणा की गई है।
बजट में किए गए इस एलान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को एक-एक महिला छात्रावास मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से हर मंडल में एक राज्य विश्वविद्यालय और हर जिले में एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य लगभग पूरा हो गया है।
नहीं छूटेगी बेटियों की पढ़ाई
कई नए राजकीय इंजीनियरिंग संस्थानों की भी स्थापना की गई है। इसके साथ ही छोटे शहरों से बड़े शहरों में भी छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आती हैं। इन छात्राओं को हर जिले में एक छात्रावास बन जाने से काफी सुविधा मिलेगी। इससे बड़ी संख्या में बेटियां अपनी पढ़ाई सुचारू रख पाएंगी। प्रदेश में श्रम विभाग की ओर से कामकाजी महिलाओं के लिए भी इस तरह की सुविधा शुरू की गई है।
