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बजट 2026: यूपी के 45 शहरों के विकास का खुलेगा रास्ता, 900 करोड़ मिलेगा, छोटे शहरों को मिलेंगी शहरी सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 01 Feb 2026 09:10 PM IST
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सार
यूपी में टियर-2 श्रेणी के 15 और टियर-3 श्रेणी के 30 से अधिक शहर हैं। इन शहरों को सशक्त होने से
महानगरों की ओर पलायन कम होगा। इसके लिए इन शहरों का विकास किया जाएगा।
यूपी के टियर-2 व टियर-3 शहरों पर होगा फोकस।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों से उत्तर प्रदेश के छोटे और मझोले शहरों के विकास को नई गति मिलने जा रही है। बजट में टियर-2 और टियर-3 श्रेणी के शहरों के लिए आवंटन में 5,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। इसके तहत यूपी के करीब 45 शहरों के विकास का रास्ता खुलेगा और राज्य को लगभग 900 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।
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इस बढ़ोतरी से स्पष्ट है कि सरकार का फोकस अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उभरते शहरी क्षेत्रों को भी समान रूप से मजबूत किया जाएगा। नगर विकास विभाग के अनुसार, यह राशि पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी।
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इस फंड से टियर-2 और टियर-3 शहरों में सड़क और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी सुधार, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने, शहरी सेवाओं के विस्तार और उद्योग एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े रोजगार अवसर बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। यहां टियर-2 श्रेणी के 15 और टियर-3 श्रेणी के 30 से अधिक शहर हैं। टियर-2 शहरों की आबादी पांच लाख से अधिक जबकि टियर-3 शहरों की आबादी एक से तीन लाख के बीच है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शहरों के सशक्त होने से महानगरों की ओर पलायन घटेगा और संतुलित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में भी मददगार साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई शहरों में काम हो चुका है, लेकिन अब भी छोटे शहरों में नागरिक सुविधाओं को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता है। यह बजट उसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
टियर-2 शहर: लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, झांसी, मथुरा
टियर-3 शहर: प्रदेश में टियर-3 श्रेणी के लगभग 30 शहर चिन्हित हैं। इनमें पूर्वी यूपी के 8, पश्चिमी यूपी के 6, मध्य यूपी के 6, बुंदेलखंड के 5 और अन्य 5 शहर शामिल हैं।
इन योजनाओं पर होगा काम
- सड़क और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार
- बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना
- शहरी सुविधाओं का विस्तार
- उद्योग और सेवा क्षेत्र से रोजगार के नए अवसर
