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West Bengal Election 2026: 'Sandesh' sweets with election symbols go viral in Kolkata markets, crowds flock in
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West Bengal Election 2026: कोलकाता के बाजारों में चुनाव चिन्हों वाली 'संदेश' मिठाई हुई वायरल, उमड़े लोग!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Mon, 27 Apr 2026 06:45 AM IST
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच कोलकाता की एक मशहूर मिठाई की दुकान ने रचनात्मकता और राजनीतिक रंग को मिलाकर एक अनोखी पहल की, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस दुकान ने विभिन्न सियासी दलों के चुनाव चिन्हों को पारंपरिक बंगाली मिठाई Sandesh के रूप में तैयार किया, जिससे चुनावी माहौल में भी एक अलग तरह की मिठास घुल गई। इन विशेष संदेशों में अलग-अलग पार्टियों के प्रतीकों को बेहद बारीकी और आकर्षक ढंग से उकेरा गया, जिन्हें देखकर लोग न केवल हैरान हुए बल्कि उनकी सराहना भी करने लगे। जैसे ही इस अनोखी पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, वह तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे बड़े उत्साह के साथ शेयर किया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि मिठाई बनाने वाले कारीगर कितनी कुशलता से संदेश को विभिन्न आकारों और डिजाइनों में ढाल रहे हैं, जो अलग-अलग राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों से मेल खाते हैं। इस रचनात्मक प्रयोग ने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि इंटरनेट यूजर्स का भी दिल जीत लिया। कई लोगों ने इसे चुनावी तनाव के बीच एक हल्के-फुल्के और सकारात्मक पहल के रूप में देखा, जबकि कुछ ने इसे बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मिठाइयों के प्रति प्रेम का प्रतीक बताया।
कोलकाता, जो अपनी विविधता और रचनात्मकता के लिए जाना जाता है, वहां इस तरह के प्रयोग नए नहीं हैं, लेकिन इस बार चुनावी संदर्भ ने इसे और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मजेदार टिप्पणियां करते हुए कहा कि अब “राजनीति भी मीठी हो गई है” और इस तरह की पहलें लोगों को जोड़ने का काम करती हैं। यह भी देखा गया कि इस वीडियो के जरिए स्थानीय व्यवसाय को भी अच्छी पहचान मिली, क्योंकि लोग उत्सुकता से इन खास संदेशों को देखने और खरीदने के लिए दुकान पर पहुंचने लगे।
कुल मिलाकर, यह पहल दिखाती है कि किस तरह परंपरा, कला और समसामयिक घटनाएं मिलकर कुछ नया और दिलचस्प बना सकती हैं। चुनावी हलचल के बीच इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां न केवल लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा भी फैलाती हैं, जो किसी भी लोकतांत्रिक माहौल के लिए बेहद जरूरी होती है।
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