सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
Hindi News ›   Video ›   India News ›   When Mamata-Pawar and Kejriwal became weak, Rahul Gandhi became the hope of the opposition!

ममता-पवार-केजरीवाल के पास राहुल गांधी ही बचें है आखिरी उम्मीद!

वीडियो डेस्क/अमर उजाला डॉट कॉम Published by: प्रवीण तिवारी Updated Wed, 19 Apr 2023 06:26 PM IST
When Mamata-Pawar and Kejriwal became weak, Rahul Gandhi became the hope of the opposition!
भारतीय राजनीति में विपक्ष के महत्व पर बड़ी चर्चा हो रही है। कांग्रेस के अलाव बड़े किरदारों की बात करें तो ममता, केजरीवाल , पवार, अखिलेश और नीतीश जैसे चेहरे सबसे आगे हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ता और प्रभाव अब भी देशव्यापी है। ऐसे में इन सभी दलों के कांग्रेस के छाते के नीचे आने की बात तमाम राजनैतिक विश्लेषक करते रहे हैं। यहां तक की पवार और नीतीश जैसे बड़े विपक्षी चेहरे तो खुद भी इसकी पैरवी करते रहे हैं। अब 2024 के चुनाव से पहले ये कवायद तेज है और ऐसा लगता है कि कांग्रेस के लिए एक मजबूत स्थिति का दौर भी शुरू हो गया है यदि विपक्षी एकता को एक छाते के नीचे लाने के लिहाज से बात की जाए तो।

दरअसल ममता-पवार की राष्ट्रीय पार्टी की पहचान छिन गई तो केजरीवाल और उनकी पार्टी पर भ्रष्टाचार के मामलों का संकट गहरा रहा है। ऐसे में विपक्षी एकता के ये सभी किरदार अपने आप को बचाने में लगे हैं, 2024 में बीजेपी को अपने दम पर टक्कर देना तो दूर की कौड़ी है। यही वजह है कि अब इन सभी दलों के लिए कांग्रेस एक उम्मीद की किरण बन रही है। राहुल के चेहरे को लेकर जो विरोध रहा उस पर भी कांग्रेस काउंटर नरेटिव के जरिए अपने प्रयास कर रही है। यानी राहुल के चेहरे को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि कर्नाटक में कांग्रेस को जीत मिलती है तो फिर राहुल विपक्ष के लिए भी सर्वमान्य चेहरे के तौर पर उभर कर सामने आ सकते हैं। कम से कम कांग्रेस तो इसे इसी तरह से प्रचारित करने का प्रयास करेगी।

अब यदि वर्तमान स्थितियों पर गौर किया जाए तो ये बहुत साफ हो गया है कि विपक्षी एकता के लिए वो दल भी तैयार हो रहे हैं जो अभी तक इससे बचते दिखाई दे रहे थे। खासतौर पर ममता और केजरीवाल। सबसे अहम सवाल यही है कि इन राजनैतिक दलों के बीच में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के किन बिंदुओं पर सहमती बनती है। दूसरी अहम बात टिकटों और अलग-अलग राज्यों में लोकसभा चुनाव के लिहाज से ये किस रणनीति पर आगे बढ़ते हैं। सीटों को लेकर खींचतान कोई आसान चुनौती नहीं है। केजरीवाल जिस तरह कांग्रेस के लिए अभी तक चुनौती साबित हुए हैं वो अचानक दोस्त बनकर नहीं उभर सकते। वहीं ममता बंगाल में कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ लें ये भी आसान नहीं। आपसी समझ मे कांग्रेस के पाले में भी गेंद जाएगी। यानी जहां पार्टी कमजोर है वहा सहयोगियों को ताकत देने के लिए कांग्रेस को भी कुछ कदम आगे आना होगा।

खैर 2024 में अभी समय है उससे पहले होने वाले चुनाव में काफी हद तक स्थितियां स्पष्ट होंगी। यदि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तब तो उसकी दावेदारी मजबूत होगी नहीं तो एक बार फिर उसे बैकफुट पर जाना होगा। 2024 में विपक्ष यदि सचमुच सत्ता के लिए लड़ाई लड़ता है तो यूपीए जैसा प्रयोग जरूरी है और यदि सभी अपनी सीटे बढ़ाने तक सीमित रहेंगे तो बीजेपी को चुनौती देना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन दिखाई देगा।

अलग अलग राज्यों में स्थितियां बिलकुल अलग हैं। दक्षिण की राजनीति बिलकुल अलग है जहां बीजेपी कमजोर है। क्षेत्रीय दलों का दबादबा है। महाराष्ट्र, बंगाल, यूपी, पूर्वोत्तर और बिहार जैसे राज्यों में भी क्षेत्रीय दल हावी हैं। यहां कांग्रेस बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला नहीं दिखता। यहां बीजेपी बनाम सारे दल की स्थिति दिखाई पड़ती है। पंजाब दिल्ली गुजरात में अब बीजेपी कांग्रेस के बीच आप भी आ गई है। बाकी राज्यों में अब भी सीधा मुकाबला दोनों बड़े दलों में है। यदि बिहार और महाराष्ट्र जैसा प्रयोग अन्य जगहों पर होता है तो ही विपक्षी एकता संभव है लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि ये समझौते  राज्य की सत्ता मे काबिज रहने के लिए हुए हैं। लोकसभा चुनाव में एक राष्ट्रीय स्तर पर मान्य चेहरे की आवश्यक्ता है जो किसी भी क्षेत्रीय दल के नेता का नहीं है। उदाहरण के लिए ममता महाराष्ट्र यूपी में क्या असर रखती हैं? इसी तरह अखिलेश बंगाल मप्र में क्या कर पाएंगे। केसीआर तो तेलंगाना के बाहर कुछ नहीं हैं। कुल मिलाकर राहुल पर ही पूरे विपक्ष की निगाह टिकेगी।

ममता और पवार तो राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा जाने से आहत है और ये उनकी साख कमजोर होने को भी दिखाता है तो दूसरी तरफ केजरीवाल आप को राष्ट्रीय पार्टी बनाने में तो कामयाब हो गए लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों ने उन्हें भी दौड़ में कमजोर बना दिया। २०२४ में वही बड़े खिलाड़ी दिखाई पड़ रहे थे लेकिन अब बैकफुट पर हैं तो राहुल की राह और आसान हो गई है। केजरीवाल की कामयाबी के साथ बढ़ती चुनौतियों को थोड़ा ज्यादा गहराई से समझने की जरूरत है क्योंकि वही विपक्षी एकता में सबसे किनारे थे और उनके राहुल के साथ आने से निश्चित तौर पर तस्वीर बहुत बदल सकती है। खरगे का केजरीवाल को फोन इसकी एक शुरूआत है। लेकिन ये हालात क्यों बने ये भी समझना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

Karnataka Election: कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, पूर्व सीएम Shettar को दिया टिकट।

19 Apr 2023

Maharashtra Politics: NCP में कायम है Sharad Pawar का दबदबा । Ajit Pawar

19 Apr 2023

Mission 2024: जातिगत जनगणना के पीछे इसलिए पड़ा है पूरा विपक्ष। Caste Census। Lok Sabha Election

19 Apr 2023

Coronavirus Update: कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, गाइडलाइन जारी। Corona Alert।

19 Apr 2023

Today Top 10 News: अतीक-अशरफ के हत्यारों की पेशी आज समेत 10 बड़ी खबरें। UP News। Amit Shah

19 Apr 2023
विज्ञापन

Weather Update Today: सावधान! भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज। Rainfall । Snowfall। Temperature

19 Apr 2023

Weather Forecast 19 April 2023 | देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today

19 Apr 2023
विज्ञापन

Atiq Ahmed Case: साबरमती जेल से अतीक अहमद का चैट आया सामने भेजा था बिल्डर को धमकी भरा मैसेज

18 Apr 2023

अमर उजाला के 75 साल पूरे गौरवपूर्ण यात्रा के साथ गौरव दिवस का जश्न

18 Apr 2023

Amar Ujala: अमर उजाला के 75 साल पूरे, स्थानीय से राष्ट्रीय अखबार तक का सफर

18 Apr 2023

केजरीवाल और कांग्रेस आए साथ तो खरगे से कौन हुआ नाराज?

18 Apr 2023

कर्नाटक में चुनाव से पहले इन आठ बड़े चेहरों ने छोड़ा बीजेपी का साथ

18 Apr 2023

कर्नाटक में बीजेपी को भारी पड़ रहा वंशवाद का मुद्दा!

18 Apr 2023

कपिल सिब्बल ने अतीक अहमद और अशरफ की हत्या को लेकर उठाए 8 गंभीर सवाल

18 Apr 2023

Delhi Rain Alert: इस बार गर्मी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड, दिल्ली समेत इन जगहों पर होगी बारिश

18 Apr 2023

Delhi Politics: विधानसभा का एकदिवसीय सत्र बुलाने को लेकर AAP सरकार और उपराज्यपाल आमने-सामने

18 Apr 2023

Weather Forecast 18 April 2023 | देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today

18 Apr 2023

अतीक के बेटे को लेकर क्यों हुआ अफवाहों का बाजार गर्म?

17 Apr 2023

Hate Speech Case: अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR की मांग SC ने पुलिस को जारी किया नोटिस

17 Apr 2023

Maharashtra Political Crisis: Pawar ने किया Uddhav से वादा NCP कभी BJP से हाथ नहीं मिलाएगी

17 Apr 2023

Arvind Kejriwal CBI: पहली बार नहीं है जब किसी सिटिंग सीएम से पूछताछ हुई मोदी से भी हुई थी पूछताछ

17 Apr 2023

Maharashtra Politics: अजित पवार के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें शुरू सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए

17 Apr 2023

कर्नाटक में राहुल को 150 सीटें मिलने की उम्मीद कहा बीजेपी को 40 से ज्यादा सीट मत देना

17 Apr 2023

कैद से बचकर ब्रिटेन भागे नवाज शरीफ लौटेंगे पाकिस्तान!

17 Apr 2023

इस IPS अफसर ने हिला दिया मुख्तार अंसारी का साम्राज्य

17 Apr 2023

लिंगायत वोट बैंक कांग्रेस के साथ लाएंगे जगदीश शेट्टार?

17 Apr 2023

Rahul Gandhi On Caste Census: राहुल गांधी ने भी छेड़ा जातिगत जनगणना का राग मोदी को दी बड़ी चुनौती

17 Apr 2023

Delhi Assembly Special Session: फिर आमने-सामने सीएम केजरीवाल और उपराज्यपाल ने विशेष सत्र पर उठाए सवाल

17 Apr 2023

Maharashtra Politics: Eknath Shinde की तोड़-फोड़ पर Sanjay Raut का बड़ा खुलासा क्या टूटेंगे विधायक

17 Apr 2023

राहुल ने कर्नाटक से बीजेपी पर साधा निशाना, बताया 40 परसेंट कमीशन वाली सरकार

17 Apr 2023
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed