जंगल में शिकार के लिए अवैध रूप से आटे में मिलाकर रखे गए विस्फोटक पदार्थ को खाने से एक गर्भवती गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। विस्फोट के कारण गाय का जबड़ा फट गया और वह लहूलुहान हालत में जंगल में पड़ी मिली। यह घटना मंगलवार को जिले के सोप थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुरा पंचायत के पास स्थित जंगल में हुई, जिसका पता बुधवार सुबह करीब 8 बजे चला।
नवाबगंज निवासी कैलाश गुर्जर ने बताया कि वह सुबह जंगल की ओर शौच के लिए गया था, तभी उसकी नजर एक गाय पर पड़ी। गाय का जबड़ा बुरी तरह जख्मी था, खून बह रहा था और जीभ कटी हुई नीचे लटकी हुई थी। आसपास आटा भी फैला हुआ मिला। भयावह दृश्य देखकर वह घबरा गया और तुरंत गांव लौटकर ग्रामीणों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जानकारी पर आमली नाका मोहम्मदपुरा से वन रक्षक गोविंद मीना, सोप थाने से हेड कॉन्स्टेबल जयसिंह राजावत और पशु चिकित्सक हितेश कुमार मीणा मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक हितेश कुमार मीणा ने बताया कि गाय ने संभवतः विस्फोटक पदार्थ खा लिया है, जिससे उसके मुंह और जबड़े में गंभीर चोटें आई हैं। यह चोट विस्फोटक सामग्री के संपर्क में आने से हुई प्रतीत होती है। गाय गर्भवती है और हादसे में उसके गर्भ को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
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घायल गाय को ग्रामीणों ने पिकअप वाहन में रखकर सोप थाने पहुंचाया, जहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब 15 मिनट तक चले प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और तीन दिन में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फिलहाल घायल गाय को सवाई माधोपुर जिले के जुवाड़ स्थित कामधेनु गोशाला में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हालांकि चिकित्सकों ने उसके बचने की संभावना कम जताई है।
गोसेवकों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के जंगलों में लंबे समय से अवैध रूप से शिकार के लिए विस्फोटक सामग्री रखी जा रही है। इससे पालतू पशुओं, वन्य जीवों के साथ-साथ खेतों में काम करने वाले किसानों, मजदूरों और राहगीरों की जान को भी गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।