प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जल्द ही आमने-सामने मुलाकात कर सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच रिश्तों में सुधार की संभावना बढ़ती दिख रही है।
ASEAN Summit में हो सकती है मुलाकात
26 से 28 अक्टूबर तक मलेशिया के कुआलालंपुर में होने वाली 47वीं ASEAN Summit के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात की संभावना है। मलेशियाई प्रधानमंत्री दातुक सेरी अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की है कि ट्रम्प इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी इस समिट में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि वे नियमित रूप से ASEAN summits में भाग लेते रहे हैं।
यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि यह दोनों नेताओं की टैरिफ विवाद के बाद पहली व्यक्तिगत बैठक हो सकती है।
हाल की बातचीत
Modi के 75वें जन्मदिन से एक दिन पहले, 16 सितंबर को ट्रम्प ने उन्हें फोन किया। यह लगभग 90 दिनों के बाद दोनों नेताओं की पहली बातचीत थी। इस दौरान:
-
ट्रम्प ने मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
-
मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में ट्रम्प के प्रयासों का समर्थन किया।
-
दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।
व्यापार वार्ता की शुरुआत
सितंबर में India-US trade negotiations फिर से शुरू हुई। अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच ने नई दिल्ली का दौरा किया, जबकि 22-24 सितंबर के बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका का दौरा किया।
पिछली घटनाएं
-
अगस्त में ट्रम्प ने भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाया।
-
जून में मोदी ने ट्रम्प के कश्मीर मध्यस्थता प्रस्ताव को अस्वीकार किया, जिससे रिश्ते तनावपूर्ण हुए।
-
मोदी ने तीन महीने तक ट्रम्प की कॉल रिसीव नहीं की।
-
फरवरी 2025 में Modi ने व्हाइट हाउस का दौरा किया और दोनों नेताओं ने "U.S.-India COMPACT for the 21st Century" लॉन्च किया, साथ ही Mission 500 के तहत 2030 तक $500 बिलियन द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा।
आगे की संभावनाएं
-
2025 में भारत Quad Summit की मेजबानी करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के नेता शामिल होंगे। हालांकि, ट्रम्प के भारत दौरे पर संदेह है।
-
ASEAN Summit में सफल मुलाकात Quad Summit और द्विपक्षीय साझेदारी के लिए रास्ता खोल सकती है।
सकारात्मक संकेत
हाल के दिनों में भारत-अमेरिका के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं:
-
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के अनुसार, मोदी और ट्रम्प का रिश्ता "बहुत ही सकारात्मक" है।
-
रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर बातचीत सकारात्मक रही।
-
गाजा शांति योजना में मोदी के समर्थन से ट्रम्प प्रभावित हुए।