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Israel Iran War: Shock to America in the United Nations Security Council, Russia and China openly came out in
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Israel Iran War:संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका को झटका,ईरान के समर्थन में खुलकर आए रूस-चीन
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Wed, 08 Apr 2026 12:59 AM IST
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहाँ संयुक्त राज्य अमेरिका को उस समय झटका लगा जब रूस और चीन खुलकर ईरान के समर्थन में सामने आए। यह मामला ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर संभावित प्रतिबंधों को लेकर उठे प्रस्ताव से जुड़ा था। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में एक कड़ा प्रस्ताव पेश किया था, जिसका उद्देश्य ईरान पर और अधिक दबाव बनाना तथा उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था। हालांकि, रूस और चीन ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे असंतुलित और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। दोनों देशों का कहना था कि इस तरह के दबाव से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
रूस और चीन ने यह भी तर्क दिया कि ईरान के साथ संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही समाधान संभव है, न कि प्रतिबंधों और दबाव की नीति से। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान परमाणु समझौता (JCPOA) को पुनर्जीवित करना ही सबसे बेहतर रास्ता है, जिससे सभी पक्षों के हितों की रक्षा हो सके। अमेरिका के प्रस्ताव को आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि वैश्विक मंच पर उसकी रणनीति को सर्वसम्मति प्राप्त नहीं है।
इस घटनाक्रम का व्यापक अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी असर पड़ सकता है। यह स्पष्ट हुआ कि रूस और चीन, अमेरिका की एकतरफा नीतियों का विरोध करने के लिए एकजुट हो रहे हैं, खासकर उन मुद्दों पर जो उनके रणनीतिक हितों से जुड़े हैं। वहीं, ईरान के लिए यह एक कूटनीतिक जीत मानी जा रही है, क्योंकि उसे दो स्थायी सदस्यों का खुला समर्थन मिला है। इस स्थिति से मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन पर भी प्रभाव पड़ सकता है और भविष्य में कूटनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
कुल मिलाकर, सुरक्षा परिषद में हुई यह घटना वैश्विक शक्ति संतुलन और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ते संकेत देती है, जहाँ अमेरिका को हर मुद्दे पर पहले जैसी समर्थन प्राप्त नहीं हो रहा है।
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