{"_id":"69c7739d7c6c9aaf2b0ee908","slug":"iran-israel-war-trump-warns-iran-over-hormuz-2026-03-28","type":"video","status":"publish","title_hn":"Iran-Israel War: होर्मुज को लेकर ट्रंप ने ईरान को चेताया!","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Iran-Israel War: होर्मुज को लेकर ट्रंप ने ईरान को चेताया!
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Sat, 28 Mar 2026 11:52 AM IST
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बीच ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र जंग के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों की गूंज के बीच यह संघर्ष अब 29वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब बातचीत के लिए मजबूर हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को हालात सामान्य करने हैं तो उसे सबसे पहले होर्मुज को खोलना होगा। हालांकि बयान के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में इसे “ट्रंप जलडमरूमध्य” कह दिया, लेकिन फिर अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि ईरान के पास अब अमेरिका की शर्तें मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में ईरान के खतरे को लगभग खत्म कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बताते हुए कहा कि उनके पास ऐसे अत्याधुनिक हथियार हैं जिन्हें दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा। ट्रंप के मुताबिक, पिछले 47 वर्षों से क्षेत्र में दबदबा बनाए रखने वाला ईरान अब दबाव में है और पीछे हटने को मजबूर हो रहा है।
मिसाइल हमलों को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिकी नौसेना के एक बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर पर 101 मिसाइलों से हमला किया गया, लेकिन सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर समुद्र में गिरा दिया गया। ट्रंप के अनुसार, अब अमेरिका बेहद सटीक तरीके से तय किए गए लक्ष्यों पर हमला कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी के पास प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम नहीं बचा है, जिससे अमेरिकी हमले और आसान हो गए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अभी भी हजारों लक्ष्य बाकी हैं, जिन पर कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी।
इस दौरान ट्रंप ने ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर Qasem Soleimani की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने सुलैमानी को खत्म करने का फैसला लिया था, जो ईरान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। ट्रंप के मुताबिक, इस कदम ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी कमजोर कर दिया और अब उस स्तर का खतरा मौजूद नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन से सैन्य सहयोग की मांग की थी। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि नाटो सहयोगी होने के बावजूद, संकट की घड़ी में अमेरिका को हमेशा अपेक्षित समर्थन नहीं मिलता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बड़ा युद्ध हुआ, तो नाटो की भूमिका सीमित हो सकती है।
वहीं, ट्रंप ने पश्चिम एशिया की कूटनीति पर भी अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ तनाव खत्म होने के बाद अब समय आ गया है कि Saudi Arabia और इस्राइल के बीच संबंध सामान्य किए जाएं। उन्होंने इसे Abraham Accords की दिशा में अगला बड़ा कदम बताया।
हालांकि इस दिशा में चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। सऊदी अरब ने साफ किया है कि वह इज़राइल के साथ संबंध तभी सामान्य करेगा, जब फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण का ठोस और विश्वसनीय रास्ता सामने आएगा।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। एक ओर सैन्य टकराव बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर कूटनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ऐसे में आने वाले दिन इस पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।