सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   "A little bit of movement" seen in Iran peace talks, says Marco Rubio

अमेरिका: रूबियो की दुनिया से अपील- होर्मुज में शुल्क लगाने की व्यवस्था को स्वीकार न करें; नाटो पर भी भड़के

एएनआई, हेल्सिंगबर्ग (स्वीडन)। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 22 May 2026 06:12 PM IST
विज्ञापन
सार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को ने कहा कि ईरान के साथ जारी बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन अभी किसी बड़े समाधान का दावा नहीं किया जा सकता। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था का विरोध किया। पश्चिम एशिया संकट और नाटो को लेकर रुबियो ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

"A little bit of movement" seen in Iran peace talks, says Marco Rubio
मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विज्ञापन

विस्तार

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा कि संघर्ष रोकने के लिए ईरान के साथ जारी बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने एक बार फिर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगियों के रुख नाराजगी जताई। 


रुबियो ने स्वीडन में नाटो के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, वार्ता में मामूली प्रगति हुई है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाटो सहयोगियों के रुख को लेकर निराश हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हेलसिंगबर्ग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रुबियो ने कुछ मामूली प्रगति हुई है। मैं इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताना चाहता। थोड़ी हलचल जरूर हुई है और यह अच्छी बात है। 
विज्ञापन
Trending Videos


शुल्क व्यवस्था को स्वीकार न करे कोई देश: रुबियो
अमेरिका की मुख्य रणनीतिक मांगों पर रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन का रुख अब भी साफ है। अमेरिका चाहता है कि तेहरान अपनी परमाणु महत्वकांक्षाएं रोके और बिना बाधा के समुद्री मार्गों पर आवाजाही जारी रहे। रुबियो ने यह भी कहा कि ईरान, ओमान को अपने साथ शामिल करके ऐसी व्यवस्था बनाना चाहता है, जिसके तहत बंद जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूला जाए। इस प्रस्तावित समुद्री शुल्क व्यवस्था की आलोचना करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, दुनिया के किसी भी देश को ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करना चाहिए। 

रुबियो ने नाटो सहयोगियों के साथ अपने संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य अभियान को लेकर पश्चिमी सहयोगियों के अलग-अलग रुख से तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा, ट्रंप की नाराजगी को दूर करना होगा। रुबियो ने कहा, राष्ट्रपति के विचार और पश्चिम एशिया में हमारी कार्रवाई पर कुछ नाटो सहयोगियों की प्रतिक्रिया को लेकर उनकी निराशा सबके सामने है। इस मुद्दे को सुलझाना होगा। लेकिन इसका समाधान आज नहीं होगा।  

यूरोप में अमेरिकी सैन्य रणनीति में बदलावों को लेकर उठ रहे सवालों पर रुबियो ने कहा कि ये फैसले किसी सहयोगी देश को सजा देने के लिए नहीं हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका के पास दुनियाभर की कई जिम्मेदारियां हैं और सेना की तैनाती को लेकर समय-समय पर समीक्षा करनी पड़ती है। यह किसी को दंडित करने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। 

नहीं हो सका स्थायी युद्ध विराम
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच आठ अप्रैल को अस्थायी युद्ध विराम हुआ था। इससे पिछले कुछ हफ्तों से जारी हमले रुक गए थे। हालांकि, इस्लामाबाद में हुई आमने-सामने की वार्ता समेत कई कोशिशों के बावजूद अब तक स्थायी समझौता नहीं हो पाया है। 

इसी कूटनीतिक गतिरोध के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी बुधवार को एक हफ्ते में दूसरी बार ईरान पहुंचे। उन्हें पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का करीबी माना जाता है। हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में खुले हमले कम हुए हैं। लेकिन यह तनाव अब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें: ईरान के बाद अब क्यूबा की बारी?: ट्रंप ने बताया नाकाम देश, कहा- US की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

नाटो की आलोचना करते हुए क्या कहा?
  • रुबियो ने ईरान के खिलाफ युद्ध में मदद न करने को लेकर नाटो सहयोगियों की आलोचना भी की।
  • उन्होंने कहा कि ट्रंप उनसे सैनिक भेजने या लड़ाकू विमान भेजने के लिए नहीं कह रहे हैं। लेकिन वे कोई मदद करने को भी तैयार नहीं हैं। इससे हम बेहद नाराज हैं। 

उधर, तेहरान भी दोबारा युद्ध शुरू होने की आशंका को लेकर सतर्क है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने बुधवार को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो 'कड़ा जवाब' दिया जाएगा। उन्होंने कहा, दुश्मन की खुली और गुप्त गतिविधियां दिखाती हैं कि आर्थिक और राजनीतिक दबाव के बावजूद उसने अपने सैन्य लक्ष्य नहीं छोड़े हैं और वह नया युद्ध शुरू करना चाहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed