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ईरान के बाद अब क्यूबा की बारी?: ट्रंप ने बताया नाकाम देश, कहा- US की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
आईएएनएस, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 22 May 2026 09:17 AM IST
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सार
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा को 'नाकाम देश' और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि वहां रूस और चीन की मौजूदगी चिंताजनक है। अमेरिका क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहता है, लेकिन वह आतंकवाद और दुश्मनों के ठिकानों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा पर दबाव बढ़ा दिया है। दोनों नेताओं ने क्यूबा को एक 'नाकाम देश' करार दिया है। उन्होंने कहा कि क्यूबा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। फ्लोरिडा और व्हाइट हाउस में अलग-अलग बयानों में दोनों अधिकारियों ने संकेत दिया कि वे क्यूबा के प्रति अब और भी सख्त रवैया अपनाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है।
क्या बोले ट्रंप?
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा के लोगों और वहां से आकर अमेरिका में बसे लोगों की मदद करना चाहता है। ट्रंप ने क्यूबा की खराब हालत का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक नाकाम देश है और यह बात हर कोई जानता है। उन्होंने बताया कि वहां बिजली नहीं है, लोगों के पास पैसे नहीं हैं और खाने-पीने की चीजों की भी भारी कमी है।
ट्रंप ने कहा कि वे इंसानियत के नाते क्यूबा की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि फ्लोरिडा में रहने वाले क्यूबा मूल के अमेरिकी अपने देश में निवेश करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उनका देश फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले 50-60 वर्षों से कई राष्ट्रपति इस बारे में सोचते रहे, लेकिन उन्हें लगता है कि इस समस्या को वे ही सुलझा पाएंगे।
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विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या कहा?
दूसरी तरफ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत रवाना होने से पहले मियामी एयरपोर्ट पर और भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा लगातार अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। रुबियो ने याद दिलाया कि क्यूबा अमेरिकी तट से सिर्फ 90 मील दूर है। वहां एक ऐसी सरकार है जिसे अमेरिका के दुश्मनों के दोस्त चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि क्यूबा में रूस और चीन की खुफिया एजेंसियां मौजूद हैं। वहां इन दोनों देशों के हथियार सिस्टम भी पहुंच चुके हैं। रुबियो ने क्यूबा पर लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैलाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
ये भी पढ़ें: Trump: 'परमाणु हथियार से पश्चिम एशिया में हो सकता है बड़ा युद्ध, नहीं दे सकते इजाजत'; ट्रंप की ईरान को चेतावनी
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी इन चिंताओं को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि क्यूबा अमेरिका के दुश्मनों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन सकता है। मिलर ने कहा कि अमेरिका का कोई भी दुश्मन क्यूबा से हमला करने वाले ड्रोन भेज सकता है। ये ड्रोन वहां से बहुत आसानी से अमेरिकी सीमा तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने इतने करीब दुश्मनों या आतंकवादियों का ठिकाना बर्दाश्त नहीं करेगा। रुबियो ने अंत में कहा कि अमेरिका मानवीय सहायता देने को तैयार है, लेकिन यह मदद क्यूबा की सेना के बजाय केवल स्वतंत्र समूहों के माध्यम से ही दी जाएगी।
क्या बोले ट्रंप?
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा के लोगों और वहां से आकर अमेरिका में बसे लोगों की मदद करना चाहता है। ट्रंप ने क्यूबा की खराब हालत का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक नाकाम देश है और यह बात हर कोई जानता है। उन्होंने बताया कि वहां बिजली नहीं है, लोगों के पास पैसे नहीं हैं और खाने-पीने की चीजों की भी भारी कमी है।
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ट्रंप ने कहा कि वे इंसानियत के नाते क्यूबा की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि फ्लोरिडा में रहने वाले क्यूबा मूल के अमेरिकी अपने देश में निवेश करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उनका देश फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले 50-60 वर्षों से कई राष्ट्रपति इस बारे में सोचते रहे, लेकिन उन्हें लगता है कि इस समस्या को वे ही सुलझा पाएंगे।
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दूसरी तरफ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत रवाना होने से पहले मियामी एयरपोर्ट पर और भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा लगातार अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। रुबियो ने याद दिलाया कि क्यूबा अमेरिकी तट से सिर्फ 90 मील दूर है। वहां एक ऐसी सरकार है जिसे अमेरिका के दुश्मनों के दोस्त चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि क्यूबा में रूस और चीन की खुफिया एजेंसियां मौजूद हैं। वहां इन दोनों देशों के हथियार सिस्टम भी पहुंच चुके हैं। रुबियो ने क्यूबा पर लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैलाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
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व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी इन चिंताओं को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि क्यूबा अमेरिका के दुश्मनों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन सकता है। मिलर ने कहा कि अमेरिका का कोई भी दुश्मन क्यूबा से हमला करने वाले ड्रोन भेज सकता है। ये ड्रोन वहां से बहुत आसानी से अमेरिकी सीमा तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने इतने करीब दुश्मनों या आतंकवादियों का ठिकाना बर्दाश्त नहीं करेगा। रुबियो ने अंत में कहा कि अमेरिका मानवीय सहायता देने को तैयार है, लेकिन यह मदद क्यूबा की सेना के बजाय केवल स्वतंत्र समूहों के माध्यम से ही दी जाएगी।